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Thursday, 22 August 2019

और देखते ही देखते सेवा के लिए उमड़ पड़े लोग...

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20 दिनों से एक ही जगह स्थिर थी बुजुर्ग महिला 

भूपेंद्र साहू
धमतरी।धर्म की नगरी धमतरी में मानव सेवा और धर्म के कार्य इतने होते हैं जो किसी से छुपा नहीं है ।ऐसे ही सेवा भाव का कार्य गुरुवार की शाम रात देखने को मिला जब सोशल मीडिया ग्रुप में महिला बुजुर्ग महिला की विस्तृत जानकारी मिली ।तुरंत एक एक कर कर लोग पहुंच गए और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया ।

अपन धमतरी सोशल मीडिया ग्रुप में राजू कुरैशी ने एक पोस्ट डाला की एक महिला आमापारा गली में इब्राहिम कबाड़ी के बाजू बैठी हुई है और वह लंबे समय से उसी जगह स्थिर है। जब बारिश होती है तो उसे झिल्ली से ढक दिया जाता है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली ऋषि लुनावत मितेश जैनऔर अन्य सदस्य वहां पहुंच गए। इसकी तत्काल खबर महिला एवं बाल विकास को दी गई जहां से उन्होंने सखी सेंटर की संचालिका उषा ठाकुर को भेजा। जब पहुंची तो पुलिस अधिकारियों को खबर की गई थोड़ी देर बाद शक्ति टीम और 108 एंबुलेंस पहुंच गई। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उनका पूरा परिवार है लेकिन अभी वह आमापारा में रह रही थी बाहर में एक पीढ़ा में रहती थी ।

सभी लोगों की मदद से उसे 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां परिजनों को बुलाकर उसे भर्ती कराया गया है ।महिला का नाम फगनी बाई पति चुन्नू लाल बांधे, 65 वर्ष निवासी सल्हेवार  पारा वार्ड बताया जा रहा है ।सोशल मीडिया की सार्थकता ऐसी चीजों से बनती है जब किसी की मदद की जाए या मदद के उपयोग में इसे लाया जाए ।आज वह महिला अब जिला अस्पताल में सुरक्षित है ।हो सकता है कि उसके परिवार जन अब उसे घर वापस भी ले जाएं ।लेकिन जिन्होंने भी यह देखा वह सिहर गया सभी ने एक ही दुआ की कि भगवान ऐसी जिंदगी किसी को ना दे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को जन्मदिन की दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री  को राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, पंजाब के राज्यपाल सहित अनेक राजनेताओं ने दी  जन्मदिन की शुभकामनाएं 


 रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को  23 अगस्त को उनके जन्म दिवस पर राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति श्री एम. वैंकेया नायडू सहित पंजाब के राज्यपाल और केन्द्र शासित प्रदेश चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री व्ही.पी. सिंह बदनोर ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई है कि वे लगातार अनेक वर्षों तक समर्पण के साथ देश की सेवा में संलग्न रहेंगे। उप राष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू और पंजाब के राज्यपाल श्री बदनोर सहित अनेक राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के लिए मंगल कामनाएं की हैं। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का परिचय

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अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा के लिए भूपेश बघेल पहली बार 1993 में विधायक निर्वाचित हुए 


रायपुर छत्तीसगढ़ के तीसरे नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को राजधानी रायपुर में हुआ। उनके पिता श्री नंदकुमार बघेल दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक हैं।
         श्री भूपेश बघेल तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा के लिए पहली बार वर्ष 1993 में विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1998, वर्ष 2003 और वर्ष 2013 में भी विधायक के रूप में क्रमशः मध्यप्रदेश और राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ की विधानसभा में पाटन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। श्री बघेल पांचवी बार इस वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के आम चुनाव में पाटन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। साहित्य पठन, योग और खेल-कूद की गतिविधियों में उनकी विशेष अभिरूचि है। उन्होंने 19 जुलाई 2000 को रायपुर और 30 अगस्त 2000 को बिलासपुर में विशाल स्वाभिमान रैलियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सेलूद में छत्तीसगढ़ मनवाकुर्मी समाज द्वारा आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोहों के सफल आयोजन में भी उन्होेंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। 
          श्री भूपेश बघेल तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार में वर्ष 1998 में मुख्यमंत्री से सम्बद्ध राज्य मंत्री और जनशिकायत निवारण विभाग के स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री के रूप में, वर्ष 1999 में परिवहन विभाग के मंत्री के रूप में और वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व, पुनर्वास, राहत कार्य और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभागों के मंत्री के रूप में जनता को अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दी। श्री भूपेश बघेल वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति और वर्ष 2014-15 में लोकलेखा समिति के सदस्य रह चुके हैं। 

जलप्रपात नरहरा धाम में बढ़ेंगी सुविधाएं

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सुराजी गांव योजना को मूर्तरूप देने कलेक्टर ने किया गांवों का दौरा, लगाई चैपाल


धमतरी,प्रदेश शासन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुराजी गांव योजनांतर्गत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के विकास व विस्तार करने के दृष्टिकोण से कलेक्टर रजत बंसल ने आज नगरी विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इन गांवों में ग्रामीणों की आवश्यकता के अनुरूप योजना को मूर्तरूप देने के लिए सम्भावनाएं भी तलाशीं।कलेक्टर ने नगरी की ग्राम पंचायत झूरातराई से पांच किलोमीटर की दूर पर प्राकृतिक जलप्रपात नरहरा धाम का निरीक्षण किया। पर्यटन की दृष्टि यहां पर सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने उक्त जलप्रपात तक पहुंच मार्ग आसान बनाने सड़क निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग कोड-90 के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया। इसी तरह उक्त झरने में बारहमासी पानी का ठहराव रहे, इसके लिए नरवा कार्यक्रम अंतर्गत बारिश के जल का संग्रहण एवं संचयन करने व आसपास के जंगल व गांवों में उसकी उपयोगिता के लिए कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही पहंुचमार्ग एवं जलप्रपात के स्पाॅट पर सोलर लाइट स्थापित करने के लिए कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया।


इसके पहले ग्राम छिंदभर्री, चनागांव में ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाकर उनकी प्राथमिक जरूरतों व समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने घुरवा को सुव्यवस्थित ढंग से तैयार करने ग्रामीणों के घर जाकर उनके व्यक्तिगत बाॅयोगैस संयंत्र का निरीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग निजी संयंत्रों के स्थान पर सामूहिक संयंत्र स्थापित करने के संबंध में क्रेडा विभाग के अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया। इससे गोबर खाद का पर्याप्त मात्रा में सामूहिक निर्माण किया जा सकेगा। ग्राम के सरपंच ने बताया कि गांव में 1500 से अधिक पशुधन हैं। इस पर कलेक्टर ने वहां पर अतिक्रमण किए गए शासकीय भूभाग का चिन्हांकन कर उसे अतिक्रमणमुक्त करने एसडीएम नगरी को निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने छिंदभर्री के आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी का खुद का भवन नहीं है, जिस पर कलेक्टर ने निषाद समाज के सामुदायिक भवन में शिफ्ट कराने के निर्देश एसडीएम को दिए। यहां दर्ज 17 में से सभी बच्चे उपस्थित पाए गए। इस केन्द्र में दो गम्भीर कुपोषित बच्चों को बारिश के मौसम के बाद एनआरसी (लइका जतन ठउर) में दाखिल कराने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने चनागांव में निर्मित हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर का दौरा कर वहां आवश्यकतानुसार दवाओं के भण्डारण और उपलब्धता की जानकारी ली। साथ मौसमी बीमारियों से ग्रामीणों को जागरूक करने सतत् सम्पर्क में रहने के निर्देश स्वास्थ्य सहायक को दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाकर उनकी विभिन्न मांगों और समस्याओं पर चर्चा भी की।उनके साथ एनआईसी प्रभारी उपेंद्र चंदेल भी मौजूद थे
 

नगरी ब्लाक के स्कूलों मे किया गया तालाबंदी

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कलेक्टर ,डीईओ को शिक्षकसंघ मोर्चा ने दिया था अल्टीमेटम

धरना प्रदर्शन
तालाबंदी

धमतरी। छ ग प न नि शिक्षक संघ  द्वारा  नगरी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवम विकास खंड श्रोत समन्वयक के द्वारा किये गए लेन देन कर  शैक्षणिक व्यवस्था ,नियमविरुद्ध गृह भाड़ा भत्ता लेना, एरियर्स भुगतान, शिक्षको के कार्यो वेतन स्लीप, बैंक ऋण फार्म में हस्ताक्षर ,पार्टफ़ाइनल, में भी रकम की मांग ,साथ ही  विकास खंड के विभिन्न स्कूलों को लघुमरम्मत की राशि आबंटित कर 30 से 40 प्रतिशत कमीशन की मांग विरुद्ध  शिक्षाकर्मी आंदोलन  करने के लिए रावणभाठा में धरना दिये। साथ ही उन्होंने अपने स्कूलों में ताला बंद कर विद्यार्थियों को वापस भेज दिया। जिससे पढाई प्रभावित हुई ,शिक्षकों का कहना है कि भ्रष्टाचार कर रहे अधिकारियों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर कार्रवाई जल्द नहीं किया गया तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा ।आज के आंदोलन में पूर्व ब्लाक के शिक्षाकर्मी उपस्थित थे। शिक्षक संघ धरना  प्रदर्शन कर अनुविभागीय अधिकारी नगरी को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम  ज्ञापन सौपकर भ्रस्ट अधिकारी के ऊपर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

जिला अध्यक्ष भूषण चंद्राकर ने बताया कि कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व में भी अल्टीमेटम दिया गया था नहीं होने की स्थिति में गुरुवार को 90% स्कूलों में तालाबंदी कर शिक्षकों ने नगरी में धरना दिया यदि आगे कार्यवाही नहीं होती है तो 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

आज के धरना प्रदर्शन से निश्चित रूप से पढ़ाई प्रभावित हुई है ।ट्रांसफर वाला इनका जो मुद्दा है वह बहुत जल्द हल कर लिया जाएगा।  भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जांच प्रतिवेदन जैसे ही प्राप्त होगी आगे की कार्रवाई के लिए लिखा   जाएगा ।बाकी  उनकी मांगो का हल निकाला जाएगा । 
                                                                                         टीके साहू जिला शिक्षा अधिकारी

Wednesday, 21 August 2019

जन-चौपाल में स्वेच्छानुदान मद से 12 जरूरतमंदों के लिए स्वीकृत किए 1.40 लाख

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मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान मद से 12 जरूरतमंदों के लिए 1.40 लाख स्वीकृत किए 


रायपुरछत्तीसगढ़ के आर्थिक रूप से कमजोर तबके की समस्याओं पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सहानुभूतिपूर्वक विचार कर तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री के रायपुर स्थित शासकीय निवास पर आज आयोजित जन-चौपाल भेंट-मुलाकात में मिलने आए लोगों की समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को उन्होंने गंभीरता से सुना और उनके यथाशीघ्र निवारण के लिए संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जन-चौपाल में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले 12 लोगों को उनकी विभिन्न जरूरतों के लिए तत्काल एक लाख 40 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

डोंगरिया कला के 6 लोगों के लिए स्वेच्छानुदान मद से दिए 55 हजार

      मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के डोंगरिया कला के 6 लोगों के लिए स्वेच्छानुदान मद से 55 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की। वहां की श्रीमती संगीता साहू और श्रीमती सरोज साहू को कपड़ा सिलाई का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10-10 हजार रूपए मंजूर किए। उन्होंने श्री देवराज साहू और कुमारी मनीषा साहू को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए 10-10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। मुख्यमंत्री ने श्री प्रफुल साहू को व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 हजार रूपए तथा श्री लालूराम साहू को घर की मरम्मत के लिए 5 हजार रूपए भी स्वीकृत किए।

इलाज, बेटी की शादी और औजार खरीदने के लिए भी आर्थिक मदद

      मुख्यमंत्री ने बच्चे के उपचार, बेटी की शादी और व्यवसायगत औजार खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता मंजूर की। उन्होंने इस साल बी.एस.सी. प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने वाले टिकरापारा, रायपुर के श्री मुकुल ध्रुव को बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष की पढ़ाई जारी रखने के लिए 15 हजार रूपए, कवर्धा के श्री चंद्रेश साहू और श्री रूपेश साहू को आगे की पढ़ाई के लिए क्रमशः 10 हजार रूपए और 5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी।
      श्री बघेल ने गांधीनगर, रायपुर की निर्धन श्रीमती शकुंतला बघेल को पारिवारिक जरूरतों के लिए 15 हजार रूपए, दुर्ग जिले के सोनपुर के दिव्यांग श्री खेमन कुंभकार को 10 हजार रूपए, इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाले संतोषीपारा, रायपुर के श्री राजू राव को औजार (Tool-Kit) खरीदने के लिए 10 हजार रूपए एवं गरियाबंद जिले के सिर्रीखुर्द के श्री चेतन लाल साहू को पुत्र के इलाज के लिए 10 हजार रूपए का स्वेच्छानुदान मंजूर किया। मुख्यमंत्री ने कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लाखेनगर, रायपुर के श्री रामगोपाल यादव की बेटी के विवाह के लिए 10 हजार रूपए की आर्थिक मदद भी स्वीकृत की।

राजीव गांधी की जयंती पर विशेष

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राजीव गांधी की विनम्रता की कायल है बल्दी बाई

  रायपुर। गरियाबंद का मतलब है पहाड़ों से घिरा हुआ, इन्ही पहाड़ों की गोद में बसा हुआ है, ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी घाट। आदिवासी बहुल गांव में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी 34 वर्ष पूर्व 14 जुलाई 1985 में यहां पहुंचे थे। उन्होंने इस गांव में आदिवासी परिवारों के साथ वक्त बिताया था और बल्दी बाई के घर में गए थे। उस समय को बल्दी बाई आज भी जब याद करती है तब उनके चेहरे में नई चमक आ जाती है। वे बताती हैं कि भोजन के बाद राजीव जी को आदिवासियों के परम्परागत रूप से निर्मित बांस के हस्त शिल्प और कंदमूल भेंट किया था, उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की धर्मपत्नी श्रीमती सोनिया गांधी भी इस दौरे में उनके साथ थीं।

        बल्दी बाई को पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की स्मृतियां आज भी ताजी है। वे बताती हैं कि राजीव जी ने बड़ी विनम्रता के साथ घर में बैठकर तेन्दूफल खाया था और आदिवासियों के रहन-सहन और तीज त्यौहारों के बारे में जानकारी ली। गरियाबंद जिले में उनके इस संक्षिप्त प्रवास की स्मृति कुल्हाड़ी घाट के निवासियों को आज भी याद है। बल्दी बाई ने बताया कि उन्हें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पंेशन योजना के तहत 650 रूपए की राशि मिलती है। अंत्योदय राशन कार्ड भी बना है, घर में पशु के लिए शेड भी बनाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में नया आवास भी मिला है। घर में शौचालय भी बनाया गया है। इसी तरह परिवार के अन्य सदस्यों को भी विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित किया गया है।

      कुल्हाड़ी घाट ग्राम पंचायत में 11 आश्रित गांव हैं। यहां की कुल आबादी 1476 है। यहां मुख्य रूप कमार जनजाति निवास करती है। जिन्हें विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल किया गया है। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद कुल्हाड़ी घाट की किस्मत ने एक बार फिर तरक्की की राह पकड़ ली है। यहां के निवासियों को बेहतर जीवन देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई कार्य हाथ में लिए गए हैं। यहां आदिवासी परिवारों को समय पर राशन सामग्री दिलाने के लिए उचित मूल्य दुकान से राशन प्रारंभ किया गया है, इसके माध्यम से लगातार इन्हें राशन एवं अन्य सामग्री मिल रही है। गांव में अशक्त, निराश्रित और विधवा महिलाओं को विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। कमार विकास योजना में कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
         किसानों की माली हालत सुधारने के लिए यहां सुराजी गंाव योजना के जरिए भी पहल की जा रही है। यहां माडल गौठान के अलावा चारागाह भी विकसित किया जा रहा है। गांव में कुपोषण में कमी लाने के लिए महिलाओं और बच्चों को गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच तथा सुरक्षित प्रसव के इंतजाम किए गए हैं। यहां वनवासियों की इनकम बढ़ाने के लिए खेती किसानी कार्य से जोड़ा जा रहा है। यहां भूमि सुधार के 290 कार्य कराए गए हैं। सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान में यहां के हर घर में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत 85 आवासों में 72 और कमार विकास योजना में 28 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। आदिवासी परिवारों को पशुपालन से जोड़ने के लिए पशु शेड बनाए गए हैं। गांव में 216 लोगों को विभिन्न पेंशन योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है।
        यहां विभिन्न योजनाओं में अधोसंरचना विकास के भी कार्य स्वीकृत किए गए हैं। यहां क्रेडा द्वारा किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए सौर सामुदायिक सिंचाई योजना संचालित की जा रही है। इस योजना से 49 किसानों की 60 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के तहत इस वित्तीय वर्ष 322 काम स्वीकृत किए गए है। इनके माध्यम से वन अधिकार मान्यता पत्र के जरिए मिली भूमि का उपचार, बाजारों को व्यवस्थित करने शेड़, पुलिया, आंगन बाड़ी और सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं।
       विद्युत की दिक्कत को दूर करने के लिए पंचायत के आश्रित गांवों में सोलर विद्युत की व्यवस्था की गई है। शुद्ध पेयजल के लिए यहां 16 हैंडपम्प स्थापित किए गए हैं। ग्राम कठवा में एक वाटर ए.टी.एम. भी स्थापित किया गया है यहां नल जल योजना भी संचालित की जा रही है। ग्राम पंचायत में 471 वनवासियों को वनअधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। यहां जैविक खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जन-चौपाल

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मुख्यमंत्री से मोहड़ जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों ने की मुलाकात


रायपुर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय मंे आयोजित जन-चौपाल, भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मोहड़ जलाशय परियोजना से प्रभावित बालोद जिले के ग्राम मरसकोला के किसानों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से उन्होंने मोहड़ बांध से प्रभावित 75 प्रतिशत कृषि भूमि के पूर्ण डूबान में आने वाले कृषकों को शासन के नियम के अनुसार पुनर्वास पुनर्स्थापना तथा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ दिलाए जाने के लिए आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदन को जल संसाधन मंत्री को भेजकर इसका परीक्षण उपरांत शीघ्रता से निराकरण के लिए आश्वस्त किया। राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम मोहड़ में मोहड़ जलाशय परियोजना का निर्माण किया जा रहा है।

राजभवन में लोकतंत्र सेनानी संघ

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राज्यपाल से लोकतंत्र सेनानी संघ ने  राज्यपाल को  बताई  समस्याएं 



 रायपुर।  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में लोकतंत्र सेनानी संघ छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताई। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि मीसाबंदियों को लोक नायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि को लोकतंत्र सेनानियों का भौतिक सत्यापन एवं प्रक्रिया का पुनःनिर्धारण करने के नाम पर रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में पुनः विस्तृत रूप  से भौतिक सत्यापन कर सभी लोकतंत्र सेनानियों को पी.पी.ओ. नंबर जारी किए गए थे। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से वे सभी लोकतंत्र सेनानियों और दिवंगत हो गए लोकतंत्र सेनानियों की पत्नियों को सम्मान निधि दिलाने के संबंध में उचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। 

खतरा मोल लेकर 2 घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार....

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 पागल हुए सांड को निगम कर्मचारियों ने पकड़ा 

भूपेंद्र साहू
धमतरी शहर में मवेशियों की समस्या कोई नई बात नहीं है। मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे सहित सभी मार्गों में मवेशियों का जमावड़ा आम बात है। लेकिन कुछ ऐसे जगह भी हैं जहां सांड से लोग भयभीत और सहमे हुए रहते हैं ।रामबाग सब्जी मार्केट,गोल बाजार और कुछ अन्य चौक चौराहों में जहां आए दिन किसी न किसी को घायल कर देते हैं ।ऐसे ही धोबी चौक क्षेत्र में लोग एक सांड से काफी परेशान थे और इसकी शिकायत नगर निगम को की गई थी ।आखिरकार बुधवार की सुबह उस सांड को पकड़ने कमरकस लिया गया। 
 
 
पहले काऊ केचर की टीम पहुंची थी उसके बाद निगम के अतिक्रमण दस्ता को बुला लिया गया। लगभग 10 लोगों की टीम के साथ स्थानीय गवलियों और मोहल्ले वासियों की मदद से खतरा मोल लेकर उस पागल हुए सांड को पकड़ा गया ।लेकिन इस बीच सांड ने पसीना छुड़ा दिया, कभी इस गली कभी उस गली, कभी इस चौक कभी उस चौक वह भाग जाता था। इस बीच पब्लिक की भीड़ लगी रहती थी जो सांड के पीछे पीछे भी भागती थी। सांड द्वारा लोगों पर हमला कर देने का खतरा भी रहता था ।साथ ही साथ पकड़ते वक्त निगम कर्मचारियों को भी खतरा है ।उसे पकड़कर अर्जुनी के कांजी हाउस में रखा गया है जिसे बाद में डॉक्टरी चेकअप के बाद कहां रखना है या निर्णय लिया जाएगा ।बताया गया कि आए दिन किसी न किसी को घायल करता था।

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