कंटेनमेंट जोन में नमाज, मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं ,आयोजन समिति की बैठक में सर्व सम्मति से लिया गया निर्णय




धमतरी 31 जुलाई 2020।आगामी अगस्त माह में ईद-उल-अजहा और गणेश चतुर्थी त्यौहारों को देखते हुए गुरूवार को आयोजन समिति की बैठक ली गई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शाम पांच बजे अपर कलेक्टर (विकास) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी और अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजन समिति ने सर्व सम्मति से कोरोना संक्रमण के फैलाव से रोकथाम और सुरक्षा के मद्देनजर इन त्यौहारों को मनाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन त्यौहारों को मनाने के लिए सभी को मास्क का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए मस्जिदों में एवं गणेश चतुर्थी पर गणेश पण्डाल में आयोजक समिति द्वारा प्रत्येक दो-तीन घंटे में सैनेटाईजेशन किया जाएगा। बताया गया कि मस्जिद एवं गणेश पण्डाल में 60 साल से अधिक एवं थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना संबंधी कोई भी सामान्य अथवा विशेष लक्षण पाए जाने पर प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी आयोजन समिति की होगी। बैठक में बताया गया है कि मस्जिद एवं गणेश पण्डाल में ध्वनि विस्तार यंत्र मानक स्तर पर चलाए जाने की अनुमति है, किन्तु यहां एक साथ 20 से ज्यादा व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। जहां तक हो सके मूर्ति की साईज छोटी एवं अधिकतम चार फीट से कम हो तथा पंडाल की साईज 15×15 से कम होगी। पंडालों के बीच पर्याप्त दूरी रहेगी, ताकि अनावश्यक भीड़ नही हो तथा रात्रिकालीन आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। प्रत्येक गणेश पण्डाल एवं मस्जिदों में थर्मल स्क्रिनिंग, हैण्डवाश, सैनेटाइजर का उपयोग करना जरूरी है। आयोजन समिति द्वारा पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाए।

समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि आयोजन समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें एकत्रित होने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जाएगा तथा चार सी.सी.टी.वी. लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। आयोजन समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति आयोजन स्थल पर जाने की वजह से संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का पूरा खर्च आयोजन समिति करेगी। कंटेनमेंट जोन में नमाज, मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि नमाज, पूजा की अवधि के दौरान उक्त क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित हो जाता है, तो तत्काल नमाज, पूजा समाप्त करनी होगी। गौरतलब है कि एक अगस्त को ईद-उल-अजहा और 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। 

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