वन विभाग की पहल: गजराज वाहन से स्कूल छोड़े जा रहे हैं विद्यार्थी



भूपेंद्र साहू

धमतरी। गंगरेल,विश्रामपुर, तुमराबहार, डांगीमांचा,कसावाही  तुमाबुजर्ग जैसे गांवो में हाथियों के चहलकदमी से  ईलाके में दहशत का माहौल है।इसी बीच वन विभाग ने पहल करते हुए क्षेत्र के स्कूली बच्चो को सुरक्षा के साथ गजराज वाहन में बैठाकर घर से स्कूल और स्कूल से घर छोड़ रहे है,ताकि छात्र छात्राओं को हाथियों  व्दारा किसी तरह का कोई नुकसान ना हो।

ज्ञात हो कि ईलाके में करीब 18 दिन से हाथियों का आतंक जारी है।हाथियों के दल ने  खेतो में लगे धान गेंहू,केलाबाड़ी सहित अन्य फसलो को नुकसान पहुंचा रहे है.जिससे किसान चिंतित है। शुक्रवार रात हाथियों के दल ने फिर से गंगरेल बांध स्थित जल संसाधन के गार्डन में जमकर उत्पात मचाते हुए तोडफोड किया  है।

 वन विभाग व्दारा हाथियों की हर गतिविधियों पर दिन रात नजर रखी जा रही है।जिससे जान माल की होने वाले नुकसान को रोका जा सके।इसके साथ ही हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने के लिए अनेक तरह से प्रयास किए जा रहे है।लेकिन बांध क्षेत्र होने के कारण हाथियों को यंहा से खदेड़ने में दिक्कत हो रही है।सोरम में युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने डीएफओ से मांग की थी कि यहां से गुजरने वाले स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षा दी जाए जिस पर डीएफओ सतोविशा समाजदार ने तत्काल घोषणा करते हुए कहा था कि गजराज वाहन में बच्चे पलकों के साथ आना जाना करेंगे इसे अमल करते हुए गजराज वाहन में स्कूली बच्चों को गजराज वाहन में सोरम भटगांव के स्कूल छोड़ा जा रहा है।


शनिवार रात बेलतरा की ओर पहुंचा हाथियों का दल

शनिवार रात 9:30 बजे सूचना प्राप्त हुई है कि हाथियों का दल बेलतरा की ओर बढ़ गया है। वहां पर पोल्ट्री फॉर्म और फॉर्म हाउस हैं जिसके संचालकों में दहशत है। गांव में शाम होते ही लाइट बंद करा दी जाती है अब यह रविवार सुबह ही पता चलेगा कि हाथी का दल किस तरफ रुख करेगा। रेंजर महादेव कन्नौजे ने बताया कि गंगरेल से 10 किलोमीटर दूर तक खदेड़ते हुए ला लिया गया है अब आगे बालोद सीमा की ओर जाने की संभावना है इसी मार्ग से वह आया था।




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