प्रशिक्षु नर्सो ने स्टायफण्ड,बीमा, भोजन, परीक्षा का हवाला देकर घर लौटने का मन बनाया

 


 अपने बच्चों को लेने पालक भी पहुंचे 


भूपेंद्र साहू

धमतरी।जिला अस्पताल के पास स्टेशन जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में अंतिम वर्ष की छात्राओं ने स्टायफण्ड,बीमा,भोजन, परीक्षा जैसी चीजों का हवाला देकर घर लौटने का मन बना लिया। बिस्तर पैक करके तैयार हो गई। पालक उन्हें लेने भी पहुंच गए। उनके चले जाने से जिला अस्पताल के ड्यूटी फर्क पड़ेगा।

 जिला अस्पताल के पास जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में धमतरी जिले के अलावा रायपुर, कांकेर, जगदलपुर, बालोद सहित अन्य जिलों की 30 छात्राएं अंतिम वर्ष में अध्ययनरत थी। इनका प्रशिक्षण नवंबर 2020 में समाप्त हो गया है।इतने दिन बीत जाने के बाद भी परीक्षाएं नहीं हुई है।

 वर्तमान में कोरोना को देखते हुए सभी प्रशिक्षु नर्सों की अस्पतालों में लगाई जाती है, जिससे उन्हें खतरे का अहसास है। विभिन्न जिलों से पहुंचे पलकों ने  बताया कि उनकी बेटियों का प्रशिक्षण नवंबर में खत्म हो चुका है, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं लिया गया है। खाने के लिए शुल्क देना पड़ता है। इतने संक्रमण भी अस्पताल में ड्यूटी लगाई जाती है, तो उनके बेटियों का बीमा कराया जाना चाहिए। स्टायफण्ड भी नहीं मिल रहा है इन्हीं सब बातों को देखते हुए अपनी बेटियों को लेने पहुंचे हैं ।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार एपिडेमिक एक्ट के तहत नसों की ड्यूटी अस्पतालों में लगाई जा रही है। रहने की सुविधा है।परीक्षा का शासन स्तर पर लिया जाएगा। भोजन के लिए इस योजना के तहत कोई फंड नहीं है। बीमा के लिए पात्र हैं तो जरूर होगा। यदि वे यहां से जाती हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।



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