धर्म की समानता, स्वतंत्रता, भाईचारे के प्रणेता थे, बाबासाहेब : रंजना साहू


धमतरी।भारतीय संविधान के निर्माता प्रखर प्रेरणता,  समतामूलक समाज के निर्माण एवं सामाजिक उत्थान के अतुलनीय योगदान देने वाले बाबा डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे भारत वर्ष में मनाया जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में कोरोना संक्रमण के कारण विधायक रंजना डीपेंद्र साहू अपने निज निवास में बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की छाया प्रति पर माल्यार्पण कर जयंती को मनाई।

 विधायक श्रीमती साहू ने बाबा साहेब की जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के इस दिन को हम इनकी जयंती के साथ-साथ समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाते हैं, क्योंकि उन्होंने जीवन भर समाज में समानता के लिए संघर्ष किए। जिन्होंने हम सबका जीवन की परिभाषा को उल्लेख करते हुए कहा है कि जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए, ऐसे हमारे प्रेणता डॉ. साहेब ने अपने दायित्व और कर्तव्य से संपूर्ण भारत में सांप्रदायिक भावनाएं जहां विद्यमान थी, वहां पर समाज में छुआछूत की भावना को दूर कर एक नए भारत का निर्माण करने का श्रेय सिर्फ बाबासाहेब को जाता है। दायित्व और कर्तव्य का सम्पूर्ण निर्वहन करने वाला व्यक्ति मानव जीवन को सफल बनाता है। 


बाबा अंबेडकर ने सभी धर्मों का सम्मान कर स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा का पाठ संपूर्ण भारत को सिखाया है, उनका सारगर्भित शब्द हम लोगों को राजनीतिक लोकतंत्र के साथ, सामाजिक लोकतंत्र को भी स्थापित करना चाहिए, सामाजिक लोकतंत्र का अर्थ है स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्वयुक्त जीवन पद्धति कि सीख हमको दिए, मैं ऐसे संविधान निर्माता स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के वास्तुकार बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उनको शत शत नमन करती हूं।



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