टीका बर्बादी पर केंद्र और राज्य में तक़रार:स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने किया वार.. बोले- सरकार से नही टीकाकरण केंद्रों से लिया जा रहा आंकड़ा..

 


वतन जायसवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना टीका की बर्बादी के मामलें में अब केंद्र और राज्य सरकार में तक़रार शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ओछी राजनीति कर रही है। टीका की सही जानकारी देने के बजाय गलत आंकड़े पेश कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री टी. एस सिंह देव ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार केवल टीकाकरण केंद्र से जानकारी ले रही, जबकि उनको वास्तविक आंकड़ा राज्य सरकार से लेना चाहिए। 


    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बयान जारी किया कि था कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में कोरोना टीका की सबसे अधिक बर्बादी हुई है। झारखंड भेजे गए कुल टीके का 37.3 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ को दिए गए  टीके का 30.2 प्रतिशत खराब हुआ है।

 केंद्र के आंकड़े के बाद से देश के सभी बड़े समाचार चैनलों और सोशल मीडिया में छत्तीसगढ़ की टीका नीति पर सवाल उठाये गए। जिसके बाद कल देर रात राज्य स्वास्थ्य मंत्रलाय के प्रमुख सचिव ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि गलत आंकड़ों पर हमने केंद्र को चिठ्ठी लिख कर अवगत कराया है। हम जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे।


  अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़े आपत्ति जताते हुए बताया कि राज्य को 72 लाख 90 हज़ार 210 टीका मिला था। जिसमें से 61 लाख 99 हज़ार 637 टीका लगाया जा चुका है। अभी 10 लाख 31 हज़ार 230 टीका अभी बचा हुआ है। इस तरह से मात्र 0.93 प्रतिशत टीका ही बर्बाद हुआ है। 


 स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार केवल उन्हीं आंकड़ों को मान रही है जो टीकाकरण केंद्रों द्वारा पोर्टल में अद्यतन किये जाते है। यदि कोई कोई केंद्र अद्यतन नही कर पाता तो उसको खराब की श्रेणी में गिन लिया जाता है। जो सर्वथा अनुचित है।  अगर केंद्र सरकार चाहे तो अपने आदमी भेज़ कर हमारे किसी भी टीकाकरण केंद्र की जाँच करवा सकते है।



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