असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा धूमधाम से मनाया गया

 


भूपेंद्र साहू

धमतरी।दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को 'विजयादशमी' के नाम से जाना जाता है।दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है।


धमतरी के  दशहरा मैदान में भी यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नान अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल थे। अन्य अतिथियों ने विधायक रंजना साहू, महापौर विजय देवांगन, पूर्व विधायक गुरमुख सिंह होरा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष शरद लोहाना, पूर्व अध्यक्ष मोहन लालवानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निशू चंद्राकर,स्पीकर अनुराग मसीह,नरेंद्र नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा,पूर्व पालिका अध्यक्ष डॉ एनपी गुप्ता, दीपक लखोटिया, राजेंद्र शर्मा आदि थे। 

सर्वप्रथम कोलियारी के मंडली ने रामलीला का मंचन किया। सभी अतिथि मंच पर पहुंचकर भगवान श्रीराम का आरती किए।लोगों को संबोधित करते हुए रामगोपाल अग्रवाल, विधायक व महापौर ने बधाई देते हुए दशहरा पर्व पर अहंकार रूपी रावण को मारने कहा। इसके साथ ही समाज में फैली कुरीतियों को मारकर एक स्वस्थ समाज बनाने की अपील की। उसके बाद राम रावण युद्ध हुआ जहां पर राम ने रावण का वध किया। इस दौरान एडीएम चंद्रकांत कौशिक, एएसपी मेघा टेम्भूरकर सहित शहर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।


बच गई 11 मुंडिया चर्चा का विषय रही

 नगर निगम प्रशासन द्वारा इस बार जिनको रावण बनाने की जिम्मेदारी दी थी वह चर्चा का विषय रहा। पहली बार तो रावण इतना पतला था कि लोग कुपोषण का शिकार कहने लगे। चंद मिनटों में ही रावण तो जल गया लेकिन उसकी मुंडिया बच गई।कार्यक्रम समाप्त होने के बाद एक युवक ऊपर चढ़कर मुंडी को गिराया और सभी को इकट्ठा कर उसे जलाया गया।



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