गंगरेल ‘परिक्षेत्र‘ पर्यटन विकास समिति की प्रबंधकारिणी समिति गठित, कलेक्टर अध्यक्ष, एसपी उपाध्यक्ष


बैठक में वाहनों की नवीन पार्किंग दरें भी निर्धारित की गईं



धमतरी,  नवगठित गंगरेल ‘परिक्षेत्र‘ पर्यटन विकास समिति की प्रथम आमसभा का आयोजन कलेक्टर  रजत बंसल की अध्यक्षता में आज सुबह आहूत की गई, जिसके तहत प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया। उक्त समिति के अध्यक्ष कलेक्टर श्री रजत बंसल होंगे, जबकि एसपी बालाजी राव उपाध्यक्ष, सीईओ जिला पंचायत  विजय दयाराम के. सचिव, डीएफओ  अमिताभ बाजपेयी संयुक्त सचिव एवं कार्यपालन अभियंता जलप्रबंध संभाग कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा बैठक में गंगरेल जलाशय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले वाहनों की पार्किंग की नवीन दरें भी आम सहमति से निर्धारित की गईं।

       कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में प्रबंध कार्यकारिणी समिति में संयोजक सदस्य उप पंजीयक सुश्री किरण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। समिति की उपविधि के अनुसार कलेक्टर/अध्यक्ष द्वारा ‘ब‘ वर्ग के सदस्यों में से दो जनप्रतिनिधि का मनोनयन पदेन सदस्य के तौर पर किए जाने का प्रावधान है, जिसके तहत अध्यक्ष जनपद पंचायत धमतरी प्रियंका सिन्हा को प्रथम सदस्य और सरपंच ग्राम पंचायत गंगरेल को द्वितीय सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया। साथ ही ‘अ‘ वर्ग से पदेन सदस्य के तौर पर जिला स्तर के 10 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है तथा ‘स‘ वर्ग से एक सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है। बैठक में नई प्रबंधकारिणी समिति के गठन उपरांत वाहन पार्किंग की दरों का भी पुनर्निर्धारण किया गया। नए सिरे से निर्धारित दर के अनुसार मोटरसाइकल का पार्किंग शुल्क पूर्ववत् 10 रूपए सर्वसम्मति से निर्धारित किया गया है। इसके अलावा कार, पिकअप, ट्रैक्टर का संशोधित पार्किंग शुल्क 30 रूपए, मिनी बस, बड़ी बस सहित सभी बड़े वाहनों से पार्किंग शुल्क के तौर पर 100 रूपए लिए जाने का निर्णय लिया गया। पूर्व में कार, ट्रैक्टर का पार्किंग शुल्क के तौर पर 50 रूपए तथा बड़ी गाड़ियों का 200 रूपए लिया जाता था। इसके अलावा जलाशय के नीचे नवनिर्मित गार्डन में प्रवेश शुल्क पूर्ववत् 20 रूपए ही रखा गया है।

         बैठक में कलेक्टर ने कहा कि यह शुल्क पर्यटन क्षेत्र को सुव्यवस्थित और बेहतर ढंग से विकसित करने के प्रयोजन से लिया जा रहा है। साथ ही क्षेत्र में स्वच्छता एवं साफ-साफ पर विशेष तौर पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगरेल जलाशय क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों को रोजगार मुहैय्या कराना शासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए पर्यटन की दृष्टि से नई संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। उन्होंने चैपाटी विकसित करने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, जनपद पंचायत धमतरी के सी.ई.ओ. तथा सरपंच ग्राम पंचायत गंगरेल को परस्पर समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गंगरेल परिक्षेत्र एवं अंगारमोती माता मंदिर क्षेत्र में पाॅलीथिन का उपयोग प्रतिबंधित करने की मांग पर जिला पंचायत के सी.ई.ओ. ने वन विभाग अथवा महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से उसके स्थान पर पत्तों से निर्मित दोना-पत्तल को विकल्प के तौर पर अपनाए जाने की बात कही। इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से दो होमगाॅर्ड की तैनाती रात्रिकालीन समय किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति और रेड कमाण्डो सक्रिय करने की बात उन्होंने कही। 

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