दुर्गम क्षेत्र में ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपने बीच पाकर बेबाकी से रखी समस्याएं

मादागिरि पहाड़, ग्राम उजरावन, रिसगांव सहित सांकरा में जाकर लिया योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा

ग्राम गादुलबाहरा व संदबाहरा में स्थापित किए जाएंगे नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र

धमतरी । कलेक्टर  रजत बंसल सहित जिले के आला अधिकारी आज नगरी विकासखण्ड में स्थित टायगर रिजर्व क्षेत्र के बीहड़ एवं दुर्गम क्षेत्र में बसे ग्राम रिसगांव, उजरावन, संदबाहरा, गादुलबाहरा, सांकरा सहित मादागिरि पहाड़ का अवलोकन एवं निरीक्षण कर ग्रामीणों से रू-ब-रू हुए। कलेक्टर ने दुर्गम क्षेत्र के प्रवास के दौरान न सिर्फ ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि इन इलाकांे में पर्यटन की सम्भावनाएं भी टटोलीं। इसके अलावा ग्राम संदबाहरा और गादुलबाहरा में नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र की स्थापना करने व रिसगांव के जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्र की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर श्री बंसल एवं जिला पंचायत की सी.ई.ओ. नम्रता गांधी आज सुबह सबसे पहले दुर्गम क्षेत्र में स्थित मादागिरी पहाड़ पहुंचे।

प्राकृतिक सौंदर्य के परिपूर्ण उक्त पहाड़ में पर्यटन विकास की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विशेष तौर पर आयुर्वेदिक एवं औषधीय महत्व के पेड़-पौधे व पुरातात्विक महत्व की चीजों को सहेजने के लिए निर्देशित किया। यहां तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग विकसित करने मनरेगा से 27 किलोमीटर मार्ग निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार करने के लिए जिला पंचायत की सी.ई.ओ. को कहा। इसके बाद वे ग्राम उजरावन पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर शासन द्वारा उन्हें विस्थापित किए जाने के संबंध में बताया कि नगरी के ग्राम सलोनी में ग्रामीणों को विस्थापित किया जाना प्रस्तावित है, किन्तु उक्त गांव की जमीन पथरीली है जो कि फसलों के लिए उपयुक्त नहीं है, इसलिए वे यहां जाना नहीं चाहते। इस पर कलेक्टर ने गांव वालों को आश्वस्त किया कि उनकी सहमति के बिना अन्यत्र विस्थापित नहीं किया जाएगा।


इसके बाद कलेक्टर ब्लाॅक के सरहदी ग्राम रिसगांव पहुंचे, जहां पर उन्होंने टायगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 34 ग्रामों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है। वजह पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि चूंकि उनका नाम राजस्व रिकाॅर्ड में नहीं है, इसलिए वे उक्त योजनाांतर्गत लाभान्वित होने से वंचित हैं। इसी तरह राजस्व अधिकारियों के द्वारा तैयार की गई गिरदावरी में रकबा का उल्लेख काफी त्रुटिपूर्ण है, जिसके चलते उन्हें अपना धान बेचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने राजस्व रिकाॅर्ड दुरूस्त कराने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मूलभूत समस्या बिजली, सड़क, शिक्षा तथा चिकित्सा सुविधाओं को लेकर शिकायतें की। टायगर रिजर्व क्षेत्र में आने के कारण वे शासन की अनेक योजनाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने स्कूलों में शिक्षकों के विलम्ब से आने की शिकायत कलेक्टर से की, जिस पर उन्होंने इसका परीक्षण कराकर संबंधित शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। इसी प्रकार राशन कार्ड के संबंध में भी कतिपय शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसे लेकर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी और स्थानीय पंचायत सचिव को कैम्प लगाकर निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए कलेक्टर ने हाट बाजार स्वास्थ्य योजना की भांति क्षेत्र के हर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। इन शिविरों के लिए पृथक् से तिथि निर्धारित कर संबंधित गांव में मुनादी कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगरी में पदस्थ ड्रेसर की शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से की, जिस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश सी.एम.एच.ओ. को दिए। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत तैयार किए शौचालय की लंबित राशि का अब तक भुगतान नहीं किए जाने की बात कही, जिसके लिए कलेक्टर ने जिला समन्वयक को राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। इसी तरह क्षेत्र में बैंक या पोस्ट आॅफिस खोलने की मांग पर कलेक्टर ने बैंक सखी नियुक्त करने के निर्देश जनपद पंचायत के सी.ई.ओ. को दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 43 पात्र लोगों को पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने सी.ई.ओ. जनपद पंचायत नगरी को एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र में गांवों में एम्बुलेंस की सुविधा शुरू कराने की मांग कलेक्टर से की। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रिसगांव में आवासीय नर्स नियुक्त करने तथा यहां के जर्जर हो चुके आंगनबाड़ी केन्द्र की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। उन्होंने ग्राम संदबाहरा और गादुलबाहरा में नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने की ग्रामीणों की मांग पर स्वीकृति दी तथा इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए।

इसके उपरांत सोंढूर जलाशय क्षेत्र में कलेक्टर एवं अधिकारियों ने दौरा किया, जहां पर पर्यटन विकास जेएफएमसी समिति के माध्यम से करने डीएफओ टायगर रिजर्व को कहा। साथ ही क्षेत्र में पुल-पुलिया निर्माण के लिए सर्वेक्षण करने के भी निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारी को दिए।

इसके अलावा ग्राम पंचायत रिसगांव और सांकरा के धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण कर समिति प्रबंधक को गुणवत्तापूर्वक धान खरीदने तथा किसानों से सहज ढंग से धान खरीदने के निर्देश देकर समिति में उपलब्ध कराए गए आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम सांकरा में गौठान का भी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।  

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