भूपेंद्र साहू
धमतरी।
बालोद क्षेत्र में तहलका मचाने वाला बाघ ने न सिर्फ फॉरेस्ट विभाग को
बल्कि लोगों को भी हलकान कर के रख दिया है ।जिस क्षेत्र में इसके रहने की
सूचना मिलती है उस क्षेत्र के ग्रामीण रातजगा करते हैं ताकि किसी प्रकार की
अनहोनी से बच सकें ।अब धमतरी जिला बॉर्डर में भी चौकस कर दिया गया है
।जिसके लिए वन विभाग का अमला 24 घंटे तैनात है।
ज्ञात
हो कि कुछ रोज पूर्व राजनांदगांव में बाघ को देखा गया था। जिसकी सूचना पर
वन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बाघ को पकडऩे के जाल बिछाया गया था। लेकिन
यह बाघ अब बालोद जिले में पहुंच चुका हैं। जिस की पुष्टि भी हो चुकी हैं।गांव
में बाघ के पंजों के निशान के साथ-साथ गाय की हड्यिां भी मिली हैं। जिससे
अंदाजा लगाया जा रहा ैहै कि आस-पास में ही बाघ छुपा हुआ हैं और बालोद में
ही घूम रहा है। जिसके बाद वन विभाग ने बाघ को सुरक्षित पकडऩे के लिए
प्रशिक्षित हाथी और कान्हा किशली से एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है।इन सबके
साथ वन विभाग की टीम बाघ को पकडऩे रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। इनके आने
के बाद वन विभाग ने बालोद-दुर्ग मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
वाहनों के आने जाने पर भी रोक भी लगा दी गई।आशंका
जताई जा रही है कि ग्राम लाटाबोड़ के गन्ने के खेत में बाघ घूसा हुआ था।
क्योंकि उसी गन्ने खेत के पास गाय का शिकार करने की बात सामने आई है। विभाग
के अधिकारी बाघ को पकडऩे के लिए वहां 15 किलोमीटर दूर बालोद से हाथी में
बैठकर हांका लगाना शुरु कर दिया गया है। डॉग स्क्वाड और हाथी की मदद से वन
विभाग रेस्क्यू चला रही है। रेस्क्यू के चलते बालोद-दुर्ग मार्ग के कुछ
हिस्सों को वन विभाग ने बंद कर दिया है। इस बाघ को घेरकर उसे ट्रेंकुलाइज
करेंगे और वापिस जंगल में छोड़ेंगे। रविवार की रात बालोद ब्लाक से गुरुर
ब्लॉक की ओर आने की सूचना मिली थी जिसे लेकर धमतरी वन विभाग भी अलर्ट हो
गया है ।
एहतियातन धमतरी बॉर्डर में भी आमदी क्षेत्र में वन विभाग के पूरे
अमला,फ्लाइंग स्क्वायड सहित तैनात कर दिया गया है ।अब तक बॉर्डर पर आने की
सूचना नहीं मिली है ।जब तक बाघ के दूसरे क्षेत्र में जाने की या फिर पकड़े
जाने की सूचना नहीं मिलती तब तक वन विभाग का अमला तैनात रहेगा।
के एल निर्मलकर,एसडीओ,वन विभाग
धमतरी

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