परिवर्तन की शुरुवात परिवार से हो -कमला भसीन


युवोदय कार्यक्रम के जिला स्तरीय कार्यकम में लैंगिक समानता पर दिया अपना व्यक्तव्य


स्टाल्स के ज़रिए सप्ताह भर चले युवोदय कार्यकम के पोस्टर, पेंटिंग, पोस्ट कार्ड का प्रदर्शन भी 

  धमतरी । गांधी ग्राम कंडेल के मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता  कमला भसीन ने ज़िले में चल रहे युवोदय  कार्यक्रम को सराहते हुए गांधीजी के विचारों को युवाओं, लोगों तक ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि युवा दो तरह से होते हैं, उम्र से , मन से । ज़रूरत है कि इस युवा को अपने भीतर ज़िंदा रखें। उन्होंने अपने व्क्तव्य में लैंगिक समानता पर अपने विचार रखे। उन्होंने बेटियों के भूर्ण हत्या, छेड़खानी, बंधनों, खामोशी से, खेलने की, पिजरों से , शिक्षा के लिए, नौकरी करने की, आज़ादी की बात रखी।उन्होंने परिवार से ही समानता की शुरुवात करने की बात कही। साथ ही समाज में नैतिकता की सीख लड़कों को देने  पर बल दिया। उन्होंने लड़कियों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया। 
इस मौके पर वक्ता विनयशील ने लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सपना देखने की आजादी देता है लोकतंत्र। विचारों को साझा करने, चर्चा करने, का अवसर देता है लोकतंत्र। साथ ही सही जनप्रतिनिधि का चयन करना लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।  मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि प्रदेश में लड़कियों को बराबरी का मौका मिला है। ये यहां देर रात भी ज़रूरी काम निपटाने घर से निकल सकती हैं। उन्होंने गांधीजी के विचारों को युवाओं से साझा करते हुए कहा कि आवश्यक है उनकी विचारों को वर्तमान समय में आत्मसात किया जाए। 
  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर रजत बंसल ने बताया कि गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को सामाजिक -नैतिक मूल्यों , नशा मुक्ति,  कैरियर के प्रति रुझान को और बढ़ाने एक सप्ताह का युवोदय कार्यक्रम चला। इसमें ज़िले के 136 हाई और हायर सेकंडरी स्कूल, 23 कॉलेज, नर्सिंग, आई टी आई के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। आज के कार्यक्रम में इन सात दिनों के आयोजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर युवोदय के लोगो का प्रदर्शन भी मंच से किया गया।

युवोत्सव अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
गौरव ग्राम कण्डेल में गांधी पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अविरल धारा
युवोदय अभियान के तहत जिले में 14 फरवरी से जारी सात दिवसीय कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के समापन दिवस के अवसर पर आज गौरव ग्राम कण्डेल में वृहत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके प्रथम सत्र में आज नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के विकास पर आधारित नुक्कड़ नाटक का काॅलेज की छात्राओं के द्वारा किया गया। वहीं अब तक की गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का आज कलेक्टर श्री रजत बंसल के द्वारा सम्मान किया गया।

गौरव ग्राम कण्डेल के मिनी स्टेडियम में आज आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के प्रथम सत्र में वृहत स्टाॅल लगाया गया, जिसमें 14 फरवरी से आयोजित गतिविधियों का निचोड़ प्रस्तुत किया गया। यहां पर श्रेष्ठ लेखन वाले पोस्ट कार्ड की प्रदर्शनी लगाई गई, साथ ही गांधी के जीवनवृत्त पर आधारित पोस्टर एवं कटआउट, महाविद्यालयीन व विद्यालयीन छात्र-छात्राओं के विज्ञान पर आधारित माॅडल, बाल मेला, कबाड़ से जुगाड़ सहित अन्य गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जहां 1600 से अधिक लोगों ने इसका लुत्फ उठाया। इस दौरान युवोत्सव के लोगो का भी अनावरण कलेक्टर के द्वारा किया गया। युवोत्सव पर आधारित विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में पिछले छह दिनों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान प्रशस्ति-पत्र इस अवसर पर प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक ने बताया कि सप्ताह भर तक आयोजित युवोत्सव कार्यक्रम 23 शैक्षणिक संस्थानों के में 9 हजार 272 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें शासकीय पीजी महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय, पाॅलीटेक्निक, उद्यानिकी, नर्सिंग काॅलेज सहित सभी आईटीआई संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसके अलावा जिले के 132 हायर सेकण्डरी व हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने इसमें शामिल होकर युवोत्सव अभियान में महती भूमिका निभाई। इसी तरह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन तथा उनसे जुड़ी विशेष घटनाओं व क्रियाकलापों पर आधारित पोस्टर, कार्टून, पेंटिंग, रंगोली, छायाचित्र की प्रदर्शनी आयोजित की गई एवं हस्ताक्षर अभियान चलाकर युवाओं से हस्ताक्षर कराए गए। आयोजन के द्वितीय सत्र में कलेक्टर ने स्टाॅल एवं प्रदर्शनियों का अवलोकन किया तथा पेंटिंग पर युवोत्सव पर अपना अभिमत भी लिखा।


150 फीट के खादी के कपड़े पर उकेरी गांधीजी की जीवनचर्या-कण्डेल में आयोजित युवोत्सव कार्यक्रम में सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र रहा खादी के कपड़े पर गांधी की तस्वीर। खालिस हैण्डलूम से तैयार किए गए खादी के कपड़े पर गांधी का जीवन दर्शन को उकेरा गया। उक्त कपड़े पर उनके जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त अलग-अलग क्रियाकलापों, घटनाओं और विशेष अवसरों व गतिविधियों को इसमें समाहित किया गया, जिसकी दर्शकों ने मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच, जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में ग्रामीण व विभिन्न काॅलेज, स्कूल के विद्यार्थी, रेडक्राॅस, स्काउट गाइड के वाॅलिंटियर्स सहित शिक्षक व विभिन्न विधाओं से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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