मंत्रिपरिषद ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय क्या है जानें....




मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में निवास कार्यालय में बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार निर्णय लिए गए:-
  • राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया। इस योजना का शुभारंभ आगामी 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि से किया जाएगा। खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का एवं गन्ना (रबी) फसल हेतु 10 हजार प्रति एकड़ की दर से डीबीटी के माध्यम से किसानों को आदान सहायता अनुदान की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
     खरीफ 2020 से आगामी वर्षो हेतु धान, मक्का, गन्ना, दलहन-तिलहन फसल के पंजीकृत /अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को कृषि आदान सहायता अनुदान दिया जाएगा।
    अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया था एवं इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता है तो उस स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता अनुदान देने का निर्णय लिया गया।
  • उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उत्कृष्ट शालाएं सभी जिला मुख्यालय, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र में न्यूनतम एक-एक होगी। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी।
  • विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
  • औद्योगिक नीति 2019-24 में  Bespoke Policy के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की स्थापना हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य के लिए पिछड़ा वर्ग की समेकित सूची अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया।
  • खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के निराकरण के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्डो पर चना/चना दाल वितरण का अनुमोदन किया गया।
  • राज्य में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के उपायों के तहत चने का उपार्जन तत्काल किए जाने की आवश्यकता को देखते हुए माह अप्रैल से जून 2020 तक आवश्यक चने का उपार्जन नाफेड द्वारा प्रस्तावित दरों पर किए जाने का अनुमोदन किया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को एक माह से अधिक का खाद्यान्न वितरण एक साथ करने का अनुमोदन किया गया।
  • खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान उठाव हेतु लोडिंग एवं अनलोडिंग दर पृथक से स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया।
  • कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छ.ग. राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप यात्री वाहनों, माल वाहनों, स्कूल व सिटी बसों एवं प्राईवेट सेवायान बसों के देय मासिक/त्रैमासिक कर में आंशिक छूट के साथ जमा करने की छूट अवधि को 30 जून तक बढ़ाने और बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ करने का निर्णय लिया गया।
  • नजूल के स्थायी पट्टों की भूमि को फ्री-होल्ड किए जाने का शर्तो सहित अनुमोदन किया गया।
  • बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के सर्वेक्षण इन्वेस्टिगेशन और डी.पी.आर. तैयार करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए देशी और विदेशी मदिरा के विक्रय पर विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत देशी मदिरा पर 10 रूपए प्रति बोतल तथा समस्त प्रकार की विदेशी मदिरा (स्प्रिट/माल्ट) के फुटकर विक्रय दर की 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित किया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास दिलवाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आज मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाने का निर्णय लिया गया।
    इसके साथ ही मोर आवास-मोर चिन्हारी योजना के तहत अब किराएदारों को भी समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
  • प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में स्वयं की निधि अथवा अन्य किसी भी मद से शासकीय भूमि पर निर्मित दुकानों के आबंटन हेतु एक बार में एकमुश्त निबटान का निर्णय लिया गया। जिस शासकीय भूमि पर दुकान निर्मित है उस भूमि का आबंटन के लिए आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर एक रूपए प्रति वर्गफूट की दर पर कलेक्टर द्वारा आबंटित की जाएगी।

अन्य प्रशासकीय निर्णय:-
1. लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों एपीएल को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने का निर्णय लिया गया। एपीएल राशनकार्ड पर 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा।
      इस योजना को लागू करने से राज्य के लगभग 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के 56 लाख राशनकार्डधारकों को पात्रतानुसार रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
2. राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट जो 30 जून 2020 तक दी गयी थी, जिसे अब पूरे वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।



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