तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे धीरे मौत के मुँह में है धकेलता -डॉ मीरा बघेल



विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर लगी बच्चों की पाठशाला

रायपुर  ।विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा संचालित `पढ़ई तुंहर दुआर’ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से  लगी पाठशाला में तंबाकू और तम्बाकू से बने उत्पाद के सेवन के नुकसान पर छात्रों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूक किया गया । साथ ही नशा मुक्ति के विषय पर भी विशेष रूप से बताया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से  लगी पाठशाला में तम्बाकू और तम्बाकू से बने उत्पाद के सेवन के नुकसान पर छात्रोंको बताया।उन्होंने कहा तम्बाकू एक धीमा जहर है, जो सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे धीरे मौत के मुँह में धकेलता रहता है।तब भी लोग बेपरवाह होकर इसका इस्तेमाल किये जा रहे हैं। इस ज़हर से लोगों को बचना है तभी हम स्वस्थ भारत की कल्पना कर सकते है, डॉ बघेल ने बताया ।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष कुमार मेजरवार ने पाठशाला में बताया हर साल 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है जिसके जरिये लोगों को तम्बाकू के खतरों के प्रति सचेत किया जाता है। इस वर्ष कोरोना के संक्रमण को देखते हुए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन संभव नहीं है, इसलिए तम्बाकू के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरुकता के लियें सोशल मीडिया, फेसबुक लाइव, रेडियो/वीडियो प्रसारण व विज्ञापनों के जरिये धूम्रपान के खतरों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है ।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार डॉ सृष्टि यदु ने तम्बाकू के विषय पर बताया ग्लोबल एडल्ट टोबाको सर्वे – 2016-17 के अनुसार ,छत्तीसगढ़ में 39.1 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार के तम्बाकू का सेवन करते हैं। यह देश की औसत 28.4 % से अधिक है। इनमें से 7.3% तम्बाकू का सेवन करने वालों में 15 वर्ष की उम्र से पहले सेवन शुरू किया था, 29% ने 15-17 वर्ष की उम्र से और 35.4% ने 18-19 वर्ष में सेवन शुरू किया था यानि औसतन 18.5 वर्ष की आयु में तम्बाकू का सेवन शुरू किया गया था।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की सोशल वर्कर नेहा सोनी ने बताया कोविड-19 के सक्रमण के समय में तंबाकू एवं तंबाकू से संबंधित पदार्थों का सेवन और घातक भी है । धूम्रपान एवं तंबाकू से बने पदार्थों को चबाने जैसी चीजों से बचें और घर में इसका सेवन करने वालों को इसको छोडने का कहें । कोविड-19 के सक्रमण के इस दौर में पान मसाला थूकने से सक्रमण का खतरा बढ सकता है ।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के काउंसलर अजय कुमार बैस ने बताया नेशनल हेल्थ एंड फॅमिली सर्वे – 4 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 15-49 वर्ष के 55 प्रतिशत आदमी और 22 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं ।आदमी तम्बाकू वाला गुटखा, पान मसाला आदि का सेवन ज्यादा करते हैं (28 प्रतिशत) । गाँव-देहात में महिलाएं और पुरुष, दोनों ही तम्बाकू का सेवन शहरी लोगों से ज्यादा करते हैं। ऐसे पुरूष जो सिगरेट और बीडी का सेवन करते हैं कम से कम 5 सिगरेट या बीडी एक दिन में पीते हैं और 53 प्रतिशत पुरुष (15-49 वर्ष) शराब के सेवन करते हैं जबकि महिलाओं में यह प्रतिशत केवल 5 है ।
ऑनलाइन कार्यक्रम के संचालन के अंतर्गत शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक  केएस पटले का विशेष सहयोग रहा ।
`पढ़ई तुंहर दुआर’ की पाठशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष कुमार मेजरवार, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार डॉ सृष्टि यदु ,राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की सोशल वर्कर नेहा सोनी, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के काउंसलर अजय कुमार बैस ने छात्र-छात्राओं को तम्बाकू और कोविड-19 संबंधित जानकारीयॉ प्रदान की गयी।

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