विधायक ने पुर्ण शराबबंदी, बोनस अंतर की राशि, सहित अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना की


राज्य की कांग्रेस सरकार का विरोध करने भाजपा ने अपनाया अनोखा तरीका


 धमतरी। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा संगठन मैं यह निर्णय लिया है कि कोरोना संकट के चलते लाकडॉउन की स्थिति में कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों तथा वादा खिलाफी का विरोध भाजपा के कार्यकर्ता सड़कों पर ना करके, अपने घरों में करेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में भाजपा के द्वारा विरोध प्रदर्शन करने जनपद उपाध्यक्ष अवनेंद्र साहू के सिहावा रोड नहर नाका स्थित निवास के सामने विधायक रंजना डिपेंद्र साहू की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। विधायक साहू ने कहा कि जिस तरह विधानसभा चुनाव के समय गंगाजल हाथ में लेकर प्रदेश की जनता से वादा किया गया था, उसे पूरा नहीं करना तथा कोरोना महामारी के संकट काल में राज्य सरकार की संवेदनहीनता का पुरजोर विरोध कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने घरों के द्वारा अथवा बालकनी में तख्तियां हाथ में लेकर कर रही है। यह विरोध प्रदर्शन समूचे प्रदेश में किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार को पहले ही आगाह कर दिया था कि वह अपने वादे के अनुरूप तत्काल पूर्ण शराबबंदी की घोषणा करें ।

 शराब की होम डिलीवरी जब शर्मनाक आदेश वापस ले। किसानों के धान की अंतर की राशि का अविलंब भुगतान करें। अपने वादे के मुताबिक 2 वर्ष का पिछला बोनस का भुगतान करें, प्रवासी मजदूरों के घर वापसी तथा उन्हें सुरक्षित क्वाइनटाइन में रखने की व्यवस्था करें एवं उनके लिए अंतरिम राहत पैकेज की व्यवस्था की जाए, छोटे अस्थाई दुकानदारों इत्यादि को राहत प्रदान करें, इन सभी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष अवनेंद्र साहू, भोथली मंडल अध्यक्ष हेमंत चंद्राकर, शिवदत्त उपाध्याय, पार्षद राजेंद्र शर्मा, अजय देशलहरे, पूर्व पार्षद सविता यादव, सहित ममता सिन्हा, लता साहू, धनीराम सोनकर, वीरेंद्र साहूशामिल रहे ।
शराबबंदी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने पर दृढ़ता से विचार करे छत्तीसगढ़ सरकार : प्रीतेश गांधी

 प्रीतेश गांधी ने भी अपने घर में हाथों में तख्ती लेकर विरोध प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश में शराब दुकानों का पुनः संचालन होने से जनहानि का खतरा बढ़ गया है। शराब दुकानों में उमड़ती भीड़ से प्रदेश में कोरोना फैलने की आशंका बढ़ रही है ऐसे में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को इस पर पुनः विचार  करते हुए जल्द से जल्द शराब दुकानों को बंद करना चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी कोरोना के मरीज मिले हैं । ऐसे समय में प्रदेश में शराब दुकानों को खोलना और होम डिलीवरी के माध्यम से घरों तक शराब पहुंचाने का निर्णय गलत है जिसका मैं विरोध करता हूँ।
प्रीतेश गांधी ने कहा कि रोजाना शराब की वजह से प्रदेश में सड़क हादसे और अन्य घटनाएं बढ़ने की खबरें अखबारों में प्रकाशित हो रही है जिससे जनहानि बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस से आज पूरा विश्व थमा हुआ ऐसे में शराब दुकानें खुलने से प्रदेश में कोरोना महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था अपने उस उस वादे को निभाए और प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी को लागू करे।

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