रक्तदान दिवस: दूसरों की जिंदगी बचाने अपना खून देने उमड़ पड़े लोग, सफल रहा मिशन



भूपेंद्र साहू ,ब्यूरो 
धमतरी।विश्व रक्तदान दिवस हर वर्ष 14 जून को मनाया जाता है विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिन को रक्तदान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। वर्ष 2004 में स्थापित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित रक्त रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्तदाताओं के सुरक्षित जीवन रक्षक रक्त के दान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है। इसी सिलसिले में धमतरी में भी लगभग 12 संस्थाओं को जोड़कर द ग्रुप ऑफ़ हेल्थ मिशन के माध्यम से शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अस्पताल ब्लड बैंक ,बालाजी ब्लड बैंक ,धमतरी ब्लड बैंक में स्वेच्छा से पहुंचकर 176  लोगों ने रक्तदान किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अस्पताल में महापौर विजय देवांगन ने किया ।इस अवसर पर परिसर में पौधारोपण भी किया गया। शिविर में खुद महापौर ने रक्तदान कर युवाओं का उत्साह वर्धन किया। इसमें कई ऐसे युवा भी शामिल हुए जिन्होंने बरसों से रक्तदान कर लोगों की जीवन बचा रहे हैं। एक वक्त था जब जरूरतमंदों को खून खरीदना पड़ता था लेकिन आज कई ऐसे संस्थाएं हैं जो रक्त मुहैया करा देती है ।लोग इस सेवा के लिए तत्पर भी रहते हैं लेकिन जहां तक हो सके परिवार के लोगों को पहले अपना खून देना चाहिए नहीं मिलने की स्थिति में ही मदद लेनी चाहिए ।

12 संस्थाओं में हमदर्द रक्तदान सेवा समिति, संत कबीर सेवा संस्थान एवं यथार्थ फाउंडेशन देवपुर धमतरी, रक्तदान एवं एंबुलेंस सेवा ,जन कल्याण समिति ,कशिश फाउंडेशन, रेड क्रॉस सोसाइटी,युवोदय अभियान ग्रुप, आर्ट आफ लिविंग,आस्था मंच,विहंगम योग संत समाज, सृष्टि फाउंडेशन ने रक्तदान के लिए युवाओं को आमंत्रित किया था ।इस अवसर पर मुख्य रूप से रामू रोहरा, सीएमएचओ डॉ डीके  तुर्रे,सिविल सर्जन  डॉ मूर्ति,डॉ राकेश सोनी, संत रविकर दास, अवनेंद्र साहू,प्रदीप साहू, गुड्डा रजक ,कीर्तन  मिनपाल,हेमराज सोनी, अनुराग महावर, संकेत गुप्ता, प्रतीक चौबे, शिवा प्रधान, ननकू महाराज, श्यामा साहू, दिनेश पटवा, प्रवीण सहारे, गगन कुम्भकार,जयश्री सोनी, आदि मौजूद थे।

 दृष्टिबाधित अरविंद शर्मा ने रक्तदान किया-

  इस अवसर पर दृष्टि बाधित अरविन्द शर्मा ने भी रक्तदान किया। पत्नी  विजयलक्ष्मी दोनों पैरों से दिव्यांग है ।
 अरविंद शर्मा की सदिच्छा थी उसका ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव  है जो कम लोगों का होता है, और वह स्वस्थ है। इसलिए वह अपने  रक्त का दान कर किसी पीड़ित की मदद करना चाहता है। विजयलक्ष्मी ने  पति को एक्टिवा में बिठाकर  जिला चिकित्सालय लेकर आई, और रक्तदान में सहयोगी बनी।अरविंद और विजयलक्ष्मी के अस्पताल पहुँचने पर जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नोलॉजिस्ट उमाकांत वैद्य ने उन्हें सुविधाजनक  तरीके से लैब में ले जाकर अरविंद से रक्तदान करवाया।सिविल सर्जन डॉक्टर एम. एम. एस. मूर्ति ने नेत्र से दिव्यांग  अरविंद की सराहना करते हुई उन्हें  रक्तदान की बधाई देकर  प्रमाणपत्र प्रदान किये।अरविंद दिव्यांग  आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र कचांदुर (गुण्डरदेही बालोद ) में कम्प्यूटर टीचर के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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