धार्मिक स्थलों को सशर्त खोलने का आदेश, पूजा घरों में प्रतिबंधित रहेंगे प्रसाद वितरण व जल छिड़काव


धमतरी 08 जून 2020 । वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत करते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जयप्रकाश मौर्य ने भारत सरकार के द्वारा जारी किए गए एसओपी की शर्तों के आधार पर धार्मिक स्थलों तथा पूजा घरों को सशर्त खोले जाने की अनुमति प्रदान की है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर कोरोना कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के उपाय के संबंध में पोस्टर/स्टैण्ड लगाया जाना अनिवार्य होगा। संक्रमण से बचाव के संबंध में आॅडियो/वीडियो क्लिप के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। इन स्थलों में आने वाले आगंतुक जूते-चप्पल स्वयं के वाहन में रखकर प्रवेश करेंगे अथवा प्रत्येक परिवार के जूते-चप्पल अलग से रखे जाएंगे। आदेश मंे यह भी कहा गया है कि परिसर के अंदर एवं बाहर भीड़ को व्यवस्थित करने व सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए प्रबंधन द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। परिसर के भीतर व बाहर स्थित सभी दुकान, स्टाॅल, कैफेटेरिया को सोशल डिस्टेंसिंग के सिद्धांत का पालन करना जरूरी होगा। परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए आगंतुकों की कतार के लिए चिन्हांकन किया जाना अनिवार्य रहेगा। परिसर में प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश के समय प्रत्येक व्यक्ति के बीच छह फीट की दूरी रखना जरूरी रहेगा और परिसर में बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।
आदेश में यह भी वर्णन किया गया है कि एयर कंडीशनर/वेंटिलेशन के उपयोग के संबंध में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के दिशानिर्देशों का पालन किया जाना होगा जिसके अनुसार एयर कंडीशनिंग उपकरणों का तापमान सेटिंग 24 से 30 सेंटीग्रेड व ह्यूमिडिटी रेंज 40 से 70 प्रतिशत की सीमा में होना चाहिए। जहां तक संभव हो ताजा हवा व क्राॅस वेटिंलेशन की व्यवस्था इन स्थलों में होनी चाहिए। मूर्तियों, पवित्र पुस्तक आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी, साथ ही बड़ी सभाएं निषिद्ध रहेंगी। संक्रमण के फैलने के संभावित खतरे के मद्देनजर, जहां तक संभव हो, रिकाॅर्ड किए गए भक्ति संगीत अथवा गाने बजाए जा सकते हैं। गाना बजाने वालों या गायन समूहों को अनुमति नहीं दी जाएगी। एक-दूसरे को बधाई देते समय परस्पर शारीरिक सम्पर्क न हो। प्रार्थना के लिए सार्वजनिक मेट (चटाई) का उपयोग वर्जित होगा, प्रत्येक आगंतुक स्वयं के मेट अथवा दरी का इस्तेमाल करेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि परिसर के भीतर प्रसाद वितरण व जल छिड़काव प्रतिबंधित रहेगा।

 सामाजिक रसोई/लंगर/अन्नदान के दौरान सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। परिसर के भीतर व हाथ-पैर धोने वाले स्थानों पर प्रभावी सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखना होगा। परिसर में फ्लोर की लगातार सफाई करनी होगी। यहां आने वाले आगंतुक व कर्मचारी फेस कव्हर/मास्क/ग्लव्स को सही तरीके से डिस्पोज करेंगे। धार्मिक संस्थान के किसी कर्मचारी, सदस्य में कोविड-19 के लक्षण पाए जाने पर उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करनें दें तथा इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देना सूचित करेंगे।

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