निजी धन का उपयोग स्वयं के लिए करना स्वार्थ और अन्य के लिए करना परमार्थ होता है-मुनि महेंद्र सागर



विधायक रँजना पहुंची जैनसंतो से आशीर्वाद लेने



धमतरी।जो व्यक्ति अपने निजी संपदा धन का उपयोग स्वयं के लिए करता है वह स्वार्थ है।वही उक्त सारे कार्य अन्य व्यक्तियों के लिए करता है वह परमार्थ हो जाता है। सार्वजनिक जीवन में मान सम्मान, यश कीर्ति प्राप्त करने के लिए परमार्थ को ही अपने रोज के जीवन का सीढी बनाना चाहिए ।यह बातें चतुर्मास के लिए शहर में आए जैन संत मुनि महेंद्र सागर  ने कहा।गौरतलब है कि विधायक रँजना डिपेन्द्र साहू संतो से आशीर्वाद लेने के लिए जैन मंदिर पहुंची थी। आगे मुनि महेंद्र सागर ने उपस्थित लोगों से सार्वजनिक जीवन में नैतिकता सुचिता ईमानदारी में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उक्त सारी बातों को प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में समाविष्ट करने के लिए अध्यात्म धर्म संस्कृति व संस्कार का अवलंबन लेवे।

       वही इस अवसर पर विधायक रँजना साहू ने मुनि महेन्द्र सागर एवं मनीष सागर के चतुर्मास व आध्यात्मिक सानिध्य के लिए क्षेत्र की जनता की ओर आभार व्यक्त करते हुए सभी की सुख समृद्धशाली जीवन तथा शांति के लिए मुनिश्री से आर्शीवाद प्राप्त किया ।इन दिनो मुनि महेंद्र सागर अपने 40 शिष्य मण्डली सहित शहर सहित अन्य क्षेत्रो के लोगो को अध्यात्मिक ज्ञान का लाभ पहुचाने विभिन्न माध्यमों से पहुंचा रहे है ।

   इसअवसर पर विधायक रँजना साहू के साथ पुर्व निगम सभापति व पार्षद राजेंद्र शर्मा, पार्षद विजय मोटवानी, पुर्व पार्षद सरिता यादव, जिला भाजपा कोषाध्यक्ष चेतन हिंदुजा, डीपेंद्र साहू, महेंद्र गोलछा, नीरज नाहर, संजय लोढ़ा, शिशिर सेठिया, मोती चोपड़ा, शांतिलाल पारख, अलिता बुरड़, सरिता नाहर उपस्थित रहे।

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