राष्ट्रीय गौरव ग्राम मे नही है गौठान.गौठान के लिए आराक्षित जगह पर अवैध कब्जा



आरती गुप्ता 
नगरी। छत्तीसगढ सरकार ने 20 जुलाई से प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों के माध्यम से गोबर खरीदी शुरू किया है।जिसके तहत अब गौठानो मे गोबर की खरीदी की जाएगी ।.लेकिन धमतरी जिले के राष्ट्रीय गौरव ग्राम बेलरगांव में अभी तक गौठान नही बन पाया है.तो दूसरी ओर गांव के लोग गौठान के लिए आराक्षित जमीन पर अतिक्रमण कर लिए  है।अब प्रशासनिक अमला अतिक्रमणकारियो पर कार्रवाई की बात कह रहे है।
दरअसल प्रदेश सरकार ने गांव मे खुले मे घूम रहे मवेशियो की रोकथाम के लिए रोका छेका अभियान की शुरूआत की है.और ऐसे मवेशियो को गौठान मे ही  रखने के निर्देश दिए है.जिससे आवारा मवेशियो से किसानो के फसलो को बचाया जा सके। राष्ट्रीय गौरव ग्राम का दर्जा हासिल सिहावा विधानसभा क्षेत्र के बेलरगांव मे अब तक गौठान नही बन पाया है।जिससे ग्रामीणो मे शासन प्रशासन के खिलाफ काफी रोष देखने को मिल रहा है।
 
गौरतलब है की बेलरगांव मे गौठान के लिए आराक्षित जगह पर गांव के ही कुछ लोगो व्दारा अतिक्रमण कर लिया गया है।ऐसे मे मजबूरी मे पावर हाउस के सामने वैकल्पिक रूप् से गौठान बनाया गया है.जंहा मवेशियो को हमेशा विद्युत करंट का खतरा बना रहता है.इसके साथ ही गांव के सप्ताहिक बाजार स्थल पर गौठान लगाया जाता है.जिससे व्यापारियो को बाजार लगाने मे काफी दिक्कतो का सामना करना पडता है.ग्रामीणो ने बताया कि गौठान के लिए आराक्षित जगह से अतिक्रमण को हटाने के लिए पंचायत पदाधिकारी संजीदा नही है.वही ठोस कार्रवाई नही होने से अतिक्रमणकारियो के हौसले बुलंद है।आलाम ये है कि गांव मे गौठान नही होने से मवेशी सडको मे घूमते रहते है।जिससे राहगीरो को चलने में परेशानी होती है और आए दिन इन मवेशियो के चलते हादसे भी होते रहते है।किसानो का कहना है कि मवेशी दिनभर खुले मे घुमते रहते है जो उनके खेतो मे लगी फसल को बर्बाद कर देते है ऐसे मे किसानो को आर्थिक नुकसान उठाना पडता है।
 
वैसे इस मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ नम्रता गांधी का कहना है कि गांव मे गौठान के लिए आराक्षित पर अवैध कब्जा करने वाले लोगो को नोटिस जारी कर अवैध कब्जा छोडने के लिए कहा गया है। सीईओ ने कहा की बेलरगांव मे गौठान के लिए प्रस्ताव भेजा गया है पास होने के बाद जल्द ही गौठान का निर्माण कराया जाऐगा।
बहरहाल राष्ट्रीय गौरव ग्राम मे गौठान नही बनना ताज्जुब की बात है.प्रशासनिक उदासीनता के चलते गांव मे गौठान नही बन पाया है.तो दूसरी ओर प्रदेश सरकार रोका छेका अभियान और गोधन न्याय योजना के तहत ग्रामीणो को समृध्द करने की बात कह रहे है.ऐसे मे गौठान नही होने से ग्रामीण कैसे समृध्द बनेगे ये एक बडा सवाल है।

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