सीएमओ दफ्तर में कोरोना संक्रमण की जबर्दस्त दस्तक



 

सेनेटाइजेशन की लापरवाही के चलते  शोपीस बना कोविड हैल्प डेस्क सेटंर 

एटा समूचे जिले को कोविड-19 के सक्रंमण से बचाव के लिए संजीवनी प्रदान कर रहे सीएमओ दफ्तर में सेनेटाइजिगं की हद दर्जे की लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण ने जबर्दस्त दस्तक देकर अब तक जहां पांच कर्मचारियों को अपनी चपेट में लेकर अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है तो वहीं पिछले दो दिनों से एक अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बुखारग्रस्त होने से विभगीय कार्यो के संचालन में व्यवधान उत्पन्न होने की खबरें दौड रही हैं  हालांकि सीएमओ दफ्तर में घुसते ही मुख्य द्वार पर स्थापित किया गया कोविड-19 हैल्प डेस्क दिखाई तो पडता है लेकिन शो पीस बनी इस डेस्क को संचालित करने वाली कुर्सी पर कोई कर्मचारी दिखाई न पडने की स्थिति में लोगों का कोरोना संक्रमण से बे-खौफ होकर दफ्तर के अन्दर व बाहर आना जाना यूं ही होता रहता है  यही कारण रहा कि सीएमओ दफ्तर में कोविड-19 के प्रति हुई लापरवाही के कारण निवर्तमान सीएमओ डा. अजय अग्रवाल सेवानिवृत्ति वाले दिन केरोना पॉसिटिव होने का प्रसाद चख कर गऐ तथा उन्हें अपने जीवन को बचाने के लिए दो चार ही नहीं होना पड़ा बल्कि उनकी जीवन संगिनी को भी कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए संघर्ष करना पडा ! सीएमओ दफ्तर के वर्तमान हालात पर यदि गौर करें तो अब तक यहां पांच कर्मचारियों को कोविड-19 के सक्रंमण से जूझना पड रहा है जिनमे एक सीएमओ की स्टेनो व महिला मलेरिया निरीक्षक व एक कोल्ड चैन हैन्डलर ,एक डाटा मैनेजर एवं एक डब्लू एच ओ का कर्मचारी शामिल है  वर्तमान हालातों के दौरान सीएमओ ऑफिस के अधिकारियों व कर्मचारियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है कोविड-19 के कारणों से जिले में बढते संक्रमण के प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए जबकि जिले के जिलाधिकारी सहित सीडीओ, एडीएम प्रशासन एडीएम वित्त व पुलिस विभाग सीओ एवं कई अन्य अधिकारीगणं ही कोरोना पॉसिटिव हो गए हों तो जनता जनार्दन को कोविड -19  के बचाव के लिए संजीवनी प्रदान करने वाले सीएमओ ऑफिस का प्रतिदिन सेनेटाइजेशन होना ही अतिआवश्यक नहीं है बल्कि ऑफिस में आने जाने वाले प्रत्येक इंसान का भी सेनेटाइजेशन होना आज के दौर में उसके अपने जीवन व दूसरो के जीवन के लिये भी महत्वपूर्ण है 

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