कुरुद नगर में विराजी माँ लक्ष्मी की मनमोहक प्रतिमाएं

 



मुकेश कश्यप

 कुरुद।प्रतिवर्ष की परम्परा के तहत नगर के दो प्रमुख स्थानों पर धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में धन की देवी महालक्ष्मी जी की मनमोहक प्रतिमाओं को विराजित किया गया है। रोशनी के पर्व दीपावली में जंहा पूरा देश जगमग उजाले और फटाखो की गूंज से गूंज उठता है,वंही हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ में सुवानृत्य ,गौरी-गौरा पूजन ,गोर्वधन पूजन ,मातर और महालक्ष्मी जी की विशेष स्थापना और पूजा-अर्चना से मनभावन वातावरण का निर्माण करता है।



नगर के डबरापारा और सरोजनी चौक में विराजित धन की देवी महालक्ष्मी  की मनमोहक प्रतिमा की इन पांच दिनों तक सुबह-शाम विधि-विधान से पूजा अर्चना कर एक सूत्र में पर्व को मनाने की परंपरा से एकता का भाव निर्मित होता दिख रहा है,वंही धनतेरस के दिन से ही नगर के गौरा चौंको में गौरा-गौरी जगाने और विधिविधान से उसका निर्माण कर पूजा अर्चना का सिलसिला पारंपरिक बाजे-गाजे की मधुर ध्वनि के साथ प्रारम्भ हो गया है।



दीपावली की रात गौरा-गौरी को विराजित कर अगले दिन उसका विसर्जन होगा,इसी तरह गोवर्धन पूजन के अगले दिन भाई दूज के दिन महालक्ष्मी  को विदाई दी जाएगी।अनेकता में एकता और प्रेम-सहोदर भाव को अपनाते हुए लोग इस पांच दिवसीय पर्व को आस्था भाव से मनाते हुए अमन और शांति का सन्देश दे रहे है।



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