हर्षोल्लास के साथ मनाया गया आंवला नवमी का पर्व


मुकेश कश्यप

 कुरुद।वार्ड नम्बर 7 वृंदावन सरोवर कुरुद एवं सरोजनी चौक में महिला समिति द्वारा सोमवार को आंवला नवमी पर्व के अवसर पर  विधिविधान के साथ यह त्यौहार मनाया गया।हमारे जीवन मे प्रकृति के महत्व तथा प्रकृति के प्रति सम्मान और समर्पण को चरितार्थ करने वाले पर्व आंवला नवमी के पर्व के अवसर पर कुरुद में दो स्थानों पर हुए कार्यक्रम में वार्ड की महिलाओं ने आंवला वृक्ष की विशेष पूजा अर्चना कर परिवार एवं समाज की खुशहाली की मंगलकामना की।

पर्व से जुड़ी मान्यताओं में कहा गया है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी के रूप में मनाया जाता है।इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है।इस दिन महिलाएं परिवार की सुख और शांति के लिए आंवला वृक्ष की परिक्रमा लगाकर पूजा करती है.आंवला वृक्ष के नीचे पकवानों का भोग लगाया जाता है और उन्हीं पकवानों से अपना व्रत खोलती हैं।आंवला नवमी के के दिन आंवला वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है।


 

हिंदू धर्मों से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक अक्षय नवमी को कहा जाता है. अक्षय नवमी के किए गए दान या किसी धर्मार्थ कार्य का लाभ व्यक्ति को वर्तमान और अगले जन्म में भी प्राप्त होता है। अक्षय नवमी देव उठनी एकादशी के से दो दिन पहले मनाई जाती है।अक्षय नवमी का महत्व बहुत ज्यादा है।इस पर्व को बेहद ही श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया जाता है।इस अवसर पर महिलाओं द्वारा सामूहिक पूजन, वृक्ष परिक्रमा सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा पूर्वक संपन्न किये जाते हैं।धार्मिक मान्यता है कि अक्षय नवमी पर मां लक्ष्मी ने पृथ्वी लोक में भगवान विष्णु एवं शिव की पूजा आंवले के रूप में की गयी थी और इसी पेड़ के नीचे बैठकर भोजन ग्रहण किया था.यह भी कहा जाता है कि आंवले के पेड़ के नीचे श्री हरि विष्णु के दामोदर स्वरूप की पूजा की जाती है।यह भी मान्यता है कि आंवला नवमी के दिन आंवला के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है और आंवला नवमी की पूजा करने से श्रीहरि विष्णु का सानिध्य प्राप्त होता है। आंवला नवमी की कथा मां लक्ष्मी से जुड़ी होने के कारण इस दिन सबसे पहले मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है।इस दिन पूजा करने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु और शिवजी की कृपा भी प्राप्त होती है।

इस प्रकार वार्ड नम्बर 7 वृंदावन सरोवर में हुए कार्यक्रम में मधु कश्यप, रुखमनी कश्यप, सरोज कश्यप ,किरण कश्यप ,बबली कश्यप, ओजस्वी कश्यप,राजेश्वरी साहू आदि उपस्थित थी तो वही सरोजनी चौक में महिला मंडल द्वारा हुए कार्यक्रम में दुर्गा चन्द्राकर , संगीता यादव , मधु यादव , योगेश्वरी , मंजू ,गीता , पूर्णिमा , सकून , सीता , जानकी , कुंती , चांदनी , लता , कामिनी, वत्सला, मिलनतींन ,सावित्री , हिरौंदी ,कुमकुम निर्मला सहित बड़ी सँख्या में वार्ड की महिलाएं उपस्थित थी।


धमतरी में भी ऑवला नवमी पर्व महिलाओं ने बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया आंवला के पेड़ की पूजा कर अपनी मनोकामनाएं मांगी।

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