ऐसा कौन सा भाई था जिसके गुजर जाने से ग्रामीणों ने दी नम आँखों से विदाई

 




धमतरी।जीवन के बदलते दौर मे जब भाई-भाई का दुश्मन बन गए हैं, सारे रिश्ते तार-तार हो रहे है ,ऐसे समाज को वफादारी के प्रतीक बनकर भाई नाम की सार्थकता को सिद्ध करते एक कुत्ता बोडरा (डी) के ग्रामीणों के आँखों में आँसूओं की धार देकर उन्हें रोने के लिए विवश कर दिया । मृत्यु पश्चात लोगो ने अंतिम यात्रा निकाली तथा तलाब के पार मे मिट्टी दिया गया ,संस्कार भी विधिपूर्वक किया गया।



 कहा जाता है कि कुत्ता इंसानों से भी ज्यादा वफादार होता है  ऐसे ही ग्राम बोडरा में एक वफादार  कुत्ते के गुजर जाने से  ग्रामीणों को गम है ।बताया तो यहां तक जा रहा हैं उक्त भाई कुत्ते एक आमआदमी की तरह सभी प्रकार की सब्जी, फल ,दूध ,दही ,सब खाता था ,उसकी महत्त्वपूर्ण विशेषता यह थी कि वह झूठे ,फरेबी किस्म के लोगों से नफरत करते हुए आसपास फटकने तक नही देता था ।उन्हें देखते ही क्रोधित होकर अपने सामने से भोककर भगा देता था। यहाँ तक कि ऐसे लोग डरते भी उससे बहुत थे ।गांव के कई लोगो की जंगली सूअरों से रक्षा भी उसने की थी ,अनेक घरो के निर्माण में रात-दिन चौकीदार की भूमिका निभाई थी ।

 


उक्त सारे गुणो ने उसे सबका भाई बना दिया था, और इसी नाम के सार्थकता को निभाते हुए जब दुनिया छोडी तो ग्रामीण नम आँखो से विदा देते हुए रो पडे ,यहां तक कि अधिकांश युवा ,महिलओ ने अपने मोबाइल के स्टेटस ,डिपी में स्थान देते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। जाते-जाते भाई (कुत्ते)ने धन -दौलत, यश, मान-सम्मान, अपना-पराया के लिए लडने वालो के वफादारी ,दूसरो के लिये जीने ,एकता ,प्रेम का संदेश देते जीवन की वास्तविकता का बोध करा चला गया।

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  1. लोगो को बेवकूफ बनाते हो थर्ड क्लास कपड़ा भेज कर

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  2. सभी को सावधान कर रहा कोई भी सेनपडिल से भूल कर भी पेंट , लोवर ना मंगाए कपड़ा थर्ड क्लास का रहता है

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