आखिर कैसे पीएचई विभाग के नाम से जारी हुए 1करोड़ 11लाख के फर्जी चेक


थाना सिटी कोतवाली में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज


भूपेंद्र साहू

धमतरी।पीएचई विभाग के नाम से फर्जी दो चेक जारी करने का सनसनीखेज मामला धमतरी में आया है ।जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक कांकेर द्वारा थाना सिटी कोतवाली में एसएलएम इंटरप्राइजेज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया है ।लगातार पत्र व्यवहार और संपर्क की वजह से दोनों चेक क्लीयरिंग होने के बावजूद राशि वापस अकाउंट में डाल दी गई है। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है आखिर पीएचई विभाग से यह फर्जी चेक किसने जारी किया। क्योंकि विभाग द्वारा स्पष्ट कहा गया है कि उनके यहां से ऐसी कोई चेक जारी नहीं की गई है।एक बड़ा सवाल है कि जिनके नाम से यह चेक जारी हुआ उनका चेक जमा करने वाले के साथ क्या संबंध था।


क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक क्षेत्रीय कार्यालय कांकेर के नीरज चौबे ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि चेक क्रमांक 476441 तथा 476442 क्रमशः 5284250रु और 5895600रु दिनांक 21 जुलाई 2020 के थे भुगतान के लिए 5 सितंबर को प्राप्त हुए। यह दोनों ही चेक एस एल एम इंटरप्राइजेज के लिए कार्यपालन यंत्री पीएचई डीविजन धमतरी के  द्वारा जारी हुए थे। यह चेक केनरा बैंक धमतरी द्वारा क्लीरिंग के लिए प्राप्त हुए। औपचारिकता पूरी होने के बाद दोनों चेक का भुगतान कर दिया गया ।बताया गया कि इसी दौरान कोरोना की वजह से स्टेट बैंक बंद हो गया था। बाद में जांच में यह पता चला कि दोनों चेक फर्जी और क्लोन है। इसकी जानकारी होने पर मुख्य प्रबंधक मंतोष राय ने तत्काल शासकीय विभाग से संपर्क किया। जांच पर ज्ञात हुआ कि दोनों चेक फर्जी हैं और संबंधित विभाग ने चेक जारी ही नहीं किए हैं जिसकी लिखित पुष्टि की गई है। इसके बाद मुख्य प्रबंधक ने केनरा बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया तो यह जानकारी मिली कि एसएलएम  इंटरप्राइजेज का खाता खुराई में है ।इसी दौरान sl-m इंटरप्राइजेज का नवकार इंटरप्राइजेज दुर्ग के साथ सौदा हुआ और उस रकम को देना बताए गया। मुख्य प्रबंधक ने तत्काल उनसे संपर्क कर उस सौदे को कैंसिल कर रकम को वापस दिलवाए । इस तरह से 16 सितंबर को दोनों चेक की संपूर्ण  रकम स्टेट बैंक आफ इंडिया मुख्य शाखा धमतरी में वापस बैंक में जमा किया गया।


 नरेश चौबे ने बताया कि संदिग्ध दोषी व्यक्तियों द्वारा भारी लाभ अर्जित किया गया दोषी व्यक्ति बैंक को धोखा देकर रकम प्राप्त करने में सफल हो गए और यह आगे धोखे से प्राप्त रकम तीसरे व्यक्ति के पक्ष में भी सफल हुआ था। संदिग्ध दोषी व्यक्ति अपराध करने में सफल हो गए। फर्जी चेक बना कर और चेक को बनाकर लाभ अर्जित करने पर रिपोर्ट दर्ज किया गया।


 थाना सिटी कोतवाली प्रभारी नवनीत पाटिल ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक स्टेट बैंक की रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टया में एस एल एम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर के विरुद्ध धारा 417, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है ।अच्छी बात यह रही कि फिलहाल रकम वापस स्टेट बैंक के खाते में आ चुकी है ,लेकिन आखिर वह व्यक्ति जिसने फर्जी चेक के माध्यम से राशि निकालना चाहा, क्लोन बनाया था वह कौन है यह जांच में सामने आएगी।



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