ग्राम पंचायत सचिव संघ ने काम बंद कलम बंद अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू किया

 

नगरी। 21 दिसम्बर को जिला मुख्यालय एवं 24 दिसम्बर को ब्लॉक मुख्यालय पर पंचायत सचिवों के द्वारा सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर रैली निकाली गई और अपनी मुख्य मांग दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण का जिले में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं कलेक्टर के नाम व ब्लॉक मुख्यालय में एसडीएम, तहसीलदार एवं सीईओ को  ज्ञापन सौपा। 

 शासन-प्रसाशन ने इनकी मांगो पर कोई  अमूल चुक  कार्यवाही नहीं की इसलिए प्रदेश संगठन की आव्हान पर उक्त मांग की पूर्ति हेतु ब्लॉक शाखा नगरी के समस्त ग्राम पंचायत सचिव 26 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए।नगर के रावण भाटा में सचिव संघ ब्लॉक इकाई नगरी ने अपनी मुख्य मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नगरी को ज्ञापन सौप धरना पर है।


संघ अध्यक्ष अनित ध्रुव का कहना है कि प्रदेश के पंचायत सचिवों द्वारा 29 विभागों के 200 प्रकार के कार्यों को ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक किया जाता है। राज्य शासन एवं केंद्र शासन की योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य भी सचिव करते हैं। पंचायत सचिवों के साथ नियुक्त सभी कर्मचारी को शासन द्वारा शासकीय करण कर दिया गया है केवल पंचायत सचिव ही शासकीय करण से वंचित है जबकि पंचायत सचिव का शासकीय करण करने हेतु प्रदेश के 65 विधायकों के हस्ताक्षर युक्त अनुशंसा पत्र भी शासन को सौंपा जा चुका है इसलिए संघ प्रदेश के मुख्यमंत्री से सचिवों की शासकीय करण करने की निवेदन करता है।धमतरी ब्लॉक में भी गौशाला मैदान में सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है।


 

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