40 लाख के बाघ के खाल को बोरी में भरकर बेचने निकला युवक फंसा पुलिस के शिकंजे में


धमतरी/नगरी। वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए सरकार लगातार प्रयास करती है विशेषकर टाइगर प्रोजेक्ट के तहत बाघों की रक्षा के लिए लगातार लोगों को आगाह भी किया जाता है, ताकि इस देश में बाघ सुरक्षित रह सके। लेकिन कुछ ऐसे लोग होते हैं जो थोड़े से पैसे के लिए वन्य प्राणियों की हत्या कर देते हैं। एक ऐसे ही बाघ की खाल बेचते हुए नारायणपुर के युवक को एसडीओपी के नेतृत्व में पुलिस ने धर दबोचा है।

 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह तकरीबन 9:30 बजे सूचना मिली कि सिहावा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुकुंद पारा सड़क पारा नहर पुल के पास कोई व्यक्ति वन्य प्राणी का खाल रखे हुए और बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहा है ।एसपी बीपी राजभानु  के एएसपी मनीषा ठाकुर एसडीओपी नगरी नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन में  पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को धर दबोचा। जिसने अपना नाम जयराम कावड़े पिता पुनऊ राम का 28 वर्ष निवासी ग्राम हिचाड़ी,थाना आमाबेड़ा जिला कांकेर हाल मुकाम शांति नगर नारायणपुर बताया।

सामान की तलाशी करने पर जयराम क के पास रखे एक सफेद प्लास्टिक बोरी में बाघ का खाल कीमती लगभग 40 लाख रुपए और बाइक बिना नंबर का जप्त किया गया। वन्य प्राणी अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।  इस कार्रवाई में एसडीओपी के साथ सिहावा के एएसआई राधेश्याम बंजारे, प्रधान आरक्षक अजीत तारम योगेश सोम, जितेंद्र चंद्राकर, मोहित साहू, अमित रावटे, यीश कुमार टंडन  मनोज ध्रुव शामिल रहे।

ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले नगरी पुलिस ने भी ऐसे ही खाल के साथ कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। सवाल यह है कि आखिर इनके पास यह बाघ के खाल आते कहां से है और यह किनको बेचने के लिए निकले होते हैं। क्योंकि अब तक सिर्फ छोटी  मछलियां ही पकड़ में आती है बड़ी मछलियां अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।बाघ के हर एक अंग की कीमत काफी होती है ।नाखून, बाल, खाल सहित अन्य चीजें काफी महत्वपूर्ण होती है और इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत लाखों और करोड़ों तक भी जाती है ।लेकिन जब भी कोई गिरफ्तार होता है तो वह छोटा आदमी गांव का ही पकड़ा जाता है।



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