फिर पहुंच चंदा हाथी का दल, गौशाला में हाथियों के घुसने से एक गाय की मौत, 4 मवेशी घायल

 


धमतरी का जंगल बनने लगा हाथियों के लिए हब


भूपेंद्र साहू

धमतरी। चंदा हाथियों का दल बालोद, कांकेर मिलने से फिर धमतरी सीमा में पहुंच गया है। मंगलवार की रात तुमाबुजुर्ग के आसपास पहुंचा। यहां के गौशाला में 2 हाथियों के घुसने के बाद मवेशियों के बीच हुए भगदड़ में एक गाय की मौत और 4 गाय घायल हो गई। आसपास खेत और बाड़ी में जमकर हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को अलर्ट कर दिया है।

धमतरी, बालोद, कांकेर तीनों जिलों का जंगल हाथियों के लिए हब बन गया है। नगरी क्षेत्र में पहले ही 25 हाथियों का दल मौजूद है। इसके बाद अब चंदा हाथियों का दल बालोद, कांकेर जिले से वापस धमतरी की ओर लौट आया है। मंगलवार शाम वन विभाग के कर्मचारी तुमाबुजुर्ग के आसपास लोगों को हाथी आने की सूचना देते हुए अलर्ट करते रहे। आखिरकार रात 1 बजे हाथी गौशाला के आसपास पहुंच गये। जिससे मवेशियों में हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह बरकछार क्षेत्र में हाथी देखे गए जिनके डुबान तरफ जाने की संभावना है। डीएफओ संतोविशा समाजदार के निर्देशन में रेंजर महादेव कन्नौजे के साथ वन विभाग की टीम लगातार नजर रखे हुए है। दूसरी ओर गुरूर क्षेत्र के भी कर्मचारी लगे हुए हैं। बताया गया कि बरपानी की ओर से हाथियों का दल तुमाबुजुर्ग पहुंचा है। अभी बरकछार की ओर है। उनका मूव्हमेंट किस तरफ रहेगा, स्पष्ट नहीं है। 

ज्ञात हो कि यही चंदा हाथियों का दल दोबारा धमतरी जिला में पहुंचने के बाद तुमाबुजुर्ग की ओर ही आया था। कुछ खेतों में नुकसान के बाद आगे बालोद जिले के डौंडी और कांकेर जिला में पहुंचा था। अब उसी मार्ग से वापस लौट आया है। एक हाथी दल नगरी क्षेत्र में लगभग 2 माह से है। जिसे वह जंगल भा गया है।


2 हाथी के गौशाला में घुसने से मचा हड़कंप

तुमाबुजुर्ग स्थित गौशाला में कार्यरत सुमन यादव ने बताया कि मंगलवार शाम वन विभाग के कर्मचारियों ने आकर सूचना दी थी कि हाथियों का दल इस क्षेत्र में आ सकता है। लाइट बंद करने कहा गया था। रात लगभग 1 बजे हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनाई दी। 2 हाथी पीछे की तरफ से गेट को तोड़कर अंदर घुसे। कोटना में रखे पानी को पीने के बाद पुन: चिंघाड़ने लगे। जिससे गायों में भगदड़ मच गई। इसी दौरान एक गाय की दबने से मौत हो गई, एक मवेशी गंभीर रूप से और 3 सामान्य रूप से घायल हैं। लगभग 1 घंटे हाथी गौशाला में रहे। बाकी बाहर रहे। लगभग रात 3 बजे के बाद वे बरकछार की ओर चले गए। इस दौरान गौशाला के बाजू कनेरी वाले के खेत में केला, आम, मुनगा पेड़ के अलावा पानी टंकी को नुकसान पहुंचाया गया है। गांव के अशोक वाटिका में भी तहस-नहस किया गया है। बुधवार सुबह वन विभाग की टीम पहुंची।



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