हाथियों का दल गंगरेल से गया दूर, कलेक्टर ने लगाया प्रतिबंध हटाया, अब आवाजाही फिर शुरू

 

भूपेंद्र साहू

धमतरी। हाथियों के गंगरेल क्षेत्र में तबाही मचाने के बाद जो प्रतिबंध लगाया गया था उसे कलेक्टर जेपी मौर्य ने अब हटा दिया है। सैलानियों के लिए यह बड़ी खबर है। शुक्रवार 26 फरवरी को फिर से अंगारमोती एवं गंगरेल में भीड़ दिखाई देगी।

ज्ञात हो कि चंदा हाथियों का दल धमतरी के आसपास पर विचरण कर रहा है ।18 फरवरी को खिड़कीटोला,बिश्रामपुर क्षेत्र में देखा गया था और यही एक युवक की मौत भी हुई थी। हालांकि मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है ।इसके बाद 19 फरवरी को गंगरेल गार्डन में हाथियों के दल ने तबाही मचाई थी। जिससे शासन प्रशासन को लाखों का नुकसान हुआ है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने सैलानियों के लिए आवाजाही प्रतिबंधित कर दिया था।

कलेक्टर ने गंगरेल पर्यटन क्षेत्र के गार्डन, बगीचा, अंगारमोती मंदिर में पर्यटकों के दर्शन तथा वाटर स्पोर्ट्स में गतिविधियां  तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया था। प्रतिबंध को हटाते हुए गुरुवार को आवागमन के सामान्य कर दिया गया है। जो सैलानियों के लिए एक बड़ी खबर है प्रतिबंध के बाद गंगरेल मानो वीरान सा हो गया था ।छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने की वजह से यहां न सिर्फ धमतरी जिला बल्कि छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से भी सैलानी पहुंचते हैं।अभी हाथियों का दल कसावाही आमा पानी क्षेत्र में बताया जा रहा है। जिस पर वन विभाग नजर रखे हुए हैं



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