बच्चों के लिए पढ़ाई और स्कूल को मजेदार बनाने करेंगे जतन,स्मार्ट स्कूलों को ई कंटेंट प्रदाय केंद्र बनाया जाएगा


भारत सरकार की स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की संचालक ऋतु सेन ने वीसी के जरिए बच्चों का अधिगम स्तर ऊंचा करने के प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की

                                       

धमतरी। अब ज़िले के कक्षा तीसरी और पांचवी के बच्चों का क्षमता विकास, शिक्षण अधिगम को रुचिकर बनाने जतन किए जाएंगे। इसके लिए एक ओर जहां ज़िला स्तरीय अधिकारियों को, स्कूलों को चिन्हांकित कर उसका नोडल बनाया जाएगा, वहीं ज़िले में मोबाइल एप के जरिए पूरे प्रयास और प्रगति की मॉनिटरिंग की जाएगी। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा तथा साक्षरता विभाग की संचालक समग्र शिक्षा ऋतु सेन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस दिशा में अगले 15 दिनों के भीतर एक अच्छी कार्ययोजना बनाकर काम करने पर जोर दिया है।  


               कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने इस मौके पर उन्हें आश्वस्त किया कि ना केवल कार्ययोजना बनाई जाएगी बल्कि बच्चों का अधिगम स्तर और समग्र विकास के लिए हर तरह से कोशिश की जाएगी। कलेक्टर ने ज़िला शिक्षा अधिकारी को इस दिशा में फौरी तौर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले स्कूलों को तीन श्रेणी अच्छा, औसत और खराब में रखा जाएगा, उनकी मॉनिटरिंग और सुधार के लिए आगे काम होगा। इसके लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2017 और 2022 का तुलनात्मक आंकड़ा, यू डाइज और प्रबंध एप में उपलब्ध अधोसंरचनात्मक, विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात, स्कूल ड्रॉप आउट, स्कूल से अनुपस्थिति इत्यादि आंकड़ों का इस्तेमाल कर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके अलावा महीने में एक तय तारीख को बैठक लेकर इसकी प्रगति की समीक्षा होगी। जिन स्कूलों में वॉलंटियर्स, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण अधिगम इत्यादि से बेहतर नतीजे सामने आए उन बेस्ट प्रैक्टिसेस को अन्य स्कूलों के लिए मिसाल के तौर पर सामने लाया जाएगा तथा ऐसे स्कूल और शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा।

 क्लस्टर स्तर पर ऑरिंटेशन कैंप भी शिक्षकों के लिए लगाए जाएंगे। बच्चों के लिए स्कूल और पढ़ाई को मजेदार बनाने की भी कवायद होगी, जो उनके समग्र विकास के लिए बहुत अहम है। साथ ही कलेक्टर ने जोर दिया है कि ज़िले में स्मार्ट स्कूलों को ई-कंटेंट डिलीवरी केंद्र के रूप में विकसित कर बच्चों के अधिगम स्तर को ऊंचा किया जाए। इस दिशा में वॉलंटियर्स के अलावा स्वयंसेवी संस्थान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, असर और प्रथम का सहयोग भी लिया जाएगा। इस पूरी कवायद के पीछे मकसद ये है कि बच्चे अपनी कक्षा अनुरूप जो अधिगम के मापदंड तय हैं उसमें खरे उतरें और बेहतर भविष्य बनाएं। आज एनआईसी कक्ष में वीसी के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत  प्रियंका महोबिया, ज़िला शिक्षा अधिकारी और उनका विभागीय अमला मौजूद रहा ।



                                                                                                                                        

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