बच्चों को अपने बुध्दि से कार्य करते हुये अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिये, विचलित नही होना चाहिये: डीआईजी

 



डीपीएस में रंगारंग वार्षिकोत्सव 'अनुभव' धूमधाम से मनाया गया


धमतरी।प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी देहली पब्लिक स्कूल धमतरी में शनिवार को रगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस वर्ष वार्षिकोत्सव का थीम अनुभव रखा गया था। इस वार्षिकोत्सव के मुख्यअतिथि संजय कुमार सिंह डीआईजी. सीआरपीएफ रायपुर रेंज, विशिष्ठअतिथि के रूप में रूस्तम सिंह सांरग कॉमनवेल्थ गेम एवं राजीव गुप्ता अध्यक्ष छ.ग. प्रावेईट एसोसिशयन छ.ग. रहे। इस कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक धीरज अग्रवाल एवं डी.पी.एस. क्रिड्स की संचालक  निधि अग्रवाल, प्राचार्य दिलीप कुमार दत्ता की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। 


इस वार्षिकोत्सव में काफी उत्सव व उमंग देखने को मिला, विद्यालय को पुरी तरह से सजाया सावरा गया, कार्यक्रम का आरंभ शाम 5ः30 बजे हुआ सबसे पहले स्काउट गाइड्स के छात्राओं ने अतिथि का स्वागत किया  तद्पश्चात् मुख्यअतिथि के द्वारा माता सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यासर्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम आरंभ किया गया, विद्यालय के प्राचार्य दिलिप कुमार दत्ता ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन का वाचन करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों व आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों द्वारा विद्यालय के माघावी छात्र - छात्राओं के उनकी उपलब्धियों पर जिसमें से कक्षा 10 वी 12वी पूर्ण परीक्षा में जिले व राज्य में उत्कृश्ट उपलब्धि व विद्यालय गतिविधियों में प्रथम द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले तथा राज्य स्तर पर विद्यालय का गैरव बढ़़ाने वाले विद्वाथियों का अतिथियों के द्वारा पुरूस्कार प्रदान किया गया। इसी कड़ी में सांस्कृतिकम कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति ने उपस्थित लोगा को मंत्रमुग्ध करने वाले अभिनय नृत्य और गीत प्रस्तुत किये। इसमें से कुछ प्रमुख कार्यक्रम में लोगो का दिल जीत लिया, नन्हे - नन्हे बच्चों द्वारा आर्कषण के केन्द्र बना रहा, तथा पर्यावरण सुरक्षा स्वच्छ भारत, नारी सुरक्षा, जीवन में पिता के महत्व को नृत्य के द्वारा बखूबी प्रस्तुती दी।

 बस्तर के छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत करके हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति का परिचय दिया। विद्यालय के रॉयल ग्रुप ने जब शिव तांडव व छत्तीसगढ़ी गीत एवं श्रध्दा, तुनिष्का व अंजली हत्याकाण्ड पर आधारित मूक अभिनय ने सबकी तालिया बटोरी विद्यालय ने अपनी कला का प्रदर्शन कर समाज को यह शिक्षा दी की जिंदगी की वास्तविक समझ अनुभव से पैदा होती है। हमें अपनी़ क्षमताओं का समुचित आकलन और नियोजन अनुभव करके ही कर सकते है। अनुभव के बगैर न तो हम अपनी जिंदगी जी सकते है, और न ही अंदर समाहित दिव्य क्षमताओं का परिचय दे सकते है। 


 कार्यक्रम के मुख्यअतिथि संजीव कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुशासन और परिश्रम से हम हर कार्य में सफल हो सकते है। बच्चों को अपने बुध्दि से कार्य करते हुये अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिये, विचलित नही होना चाहिये। अपने गुरू, माता-पिता का हमेशा सम्मान करना चाहिये, डी.पी.एस. जैसे विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोग प्रदान करता है।विशिष्ट अतिथि  रूस्तम सांरग ने खेल और शिक्षा के महत्व को बताया और कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल को भी बढ़ावा देना चाहिये। खेल जीवन में बहुत महत्व रखता है, खेल में बच्चे अपना भविष्य अच्छा बना सकते है। खिलाड़ी हमेशा हार कर जीतने का हौसला रखता है, खेल से खिलाड़ी अपने देश का सम्मान बढ़ता है, खिलाड़ियों को सघर्ष से लक्ष्य प्राप्त होता है, इस सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित अतिथि व पालकगण ने बच्चों की सांस्कृति कार्यक्रम की खूब सराहना की, व प्रसन्नता दिखाते हुये विद्यालय प्रबंधन को धन्यवाद एवं बधाई प्रदान की।  कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शाला प्रबंधक शैलेश वाजपेयी ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समापन की घोषण की। अंत में संचालक धीरज अग्रवाल निधि अग्रवाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपकि उज्वल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम में समस्त पालक व नागरिक उपस्थित थे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त शिक्षक, शिक्षिकों का विशेष योगदान रहा।



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