वायु सेना भर्ती रैली में अधिकाधिक सहभागिता पर जोर




स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता की समीक्षा
 

धमतरी,कलेक्टर  रजत बंसल ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर आगामी 13 से 19 अक्टूबर के बीच जिले में पहली बार आयोजित होने वाली वायु सेना भर्ती रैली में स्थानीय युवाओं को अधिकाधिक अवसर प्रदान करने एवं सैन्य सेवाओं में सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक स्तर पर भर्ती रैली का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने के निर्देशित किया, जो न्यूनतम शैक्षणिक एवं शारीरिक अर्हताएं पूर्ण करता हो।बैठक में कलेक्टर ने कहा कि देश की सेना में छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों की संख्या कम होती है, जबकि वे अपेक्षाकृत ज्यादा परिश्रमी और अनुशासित होते हैं। वहीं दूसरी ओर पालकों में जागरूकता के अभाव के कारण वांछित संख्या में यहां के युवा लाभान्वित नहीं हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि पालकों में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें जागरूक करने के लिए सतत् संपर्क कर समझाइश दिया जाए। साथ ही शिक्षा सत्र 2018-19 में कक्षा बारहवीं में गणित और विज्ञान विषय के साथ 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले तथा अंग्रेजी विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उन्हें लगातार प्रोत्साहित एवं प्रेरित करने की बात बैठक में कही। कलेक्टर ने सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फ्लैक्स के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करने तथा स्कूली विद्यार्थियों द्वारा रैली आयोजित करने के अलावा गांवों में कोटवारों के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह मुनादी कराने के भी निर्देश दिए।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विकासखण्डवार ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जा रही है, जो वायु सेना भर्ती रैली में शामिल होने के इच्छुक हैं। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी की शारीरिक योग्यता में न्यूनतम ऊंचाई 165 सेंटीमीटर होनी चाहिए। इसी तरह अभ्यर्थी को 1600 मीटर की दौड़ साढ़े पांच से छः मिनट के बीच पूरी करनी होगी। इसके लिए चिन्हांकित स्थानों में कैम्प लगाकर इसकी तैयारी कराने व अभ्यर्थी को शारीरिक तौर पर योग्य बनाने के लिए जिले के भूतपूर्व सैनिकों की मदद लेने के भी निर्देश दिए।
इसके पहले जिला पंचायत के सी.ई.ओ. विजय दयाराम के. ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत् 25 बिन्दुओं पर स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं, शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों का आंकलन संकुलवार किया। साथ ही शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष तौर पर फोकस करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, शाला विकास समिति की नियमित बैठक, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर बैठक में समीक्षा की।

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