मुख्यमंत्री आवास पर पोरा-तीजा तिहार का आयोजन

 

प्रदेशभर की महिलाएं उत्सव में शामिल हुई..

रायपुर :

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर पोरा-तीजा तिहार का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर की महिलाएं उत्सव में शामिल हुई। तिहार में अन्य महिलाओं के साथ महिला मंत्री एवं विधायकों ने भी उत्सव का आनन्द लिया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री  अनिला भेंड़िया, पूर्व महापौर किरणमयी नायक ,डॉ लक्ष्मी ध्रुव सहित अन्य महिला विधायकों ने सुआ नृत्य किया।

पोरा-तीजा तिहार में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें महिला कबड्डी प्रतियोगिता में राज्यसभा सांसद छाया वर्मा एवं गु्रप विरूद्ध पूर्व महापौर  किरणमयी नायक एवं गु्रप के मध्य खेला गया, जिसमें  छाया वर्मा गु्रप विजयी रही। जलेबी दौड़ में पहले राऊण्ड में  सरोज वर्मा, दूसरे राऊण्ड में हानरून बानो, तीसरे राऊण्ड में प्रीया देवांगन विजयी रहीं। मटका दौड में पहले राऊण्ड में प्रेमिन निषाद, दूसरे राऊण्ड में ऊषा धारगवे और रेखा साहू, चम्मच दौड़ में पहले राऊण्उ में ममता पाण्डेय, दूसरे राऊण्उ में आरती सिंह, तीसरे राऊण्ड में माया वर्मा विजयी रहीं।  


‘‘पोषण माह’’ का शुभारंभ

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल एवं विभागीय मंत्री  अनिला भेड़िया द्वारा तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर पोषण माह का शुभारंभ किया गया। पोषण माह में ‘घर-घर पोषण व्यवहार अपनाबो, सुपोषित छत्तीसगढ़ बनाबो‘ के संदेश एवं खाद्य विविधता के प्रतीक स्वरूप सुपोषण टोकरी का वितरण से किया गया। प्रदेश में पोषण माह 1 से 30 सितम्बर के मध्य आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हर घर पोषण त्यौहार तथा चलो अपनाएं पोषण व्यवहार संदेश को ग्राम एवं शहर के घर-घर पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, आयुक्त श्री जनमेजय महोबे तथा राज्य परियोजना प्रबंधन प्रकोष्ठ के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।कुपोषण पर व्यापक रोकथाम के उद्देश्य से, पोषण अभियान अंतर्गत माह सितम्बर 2019 में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह 2019 का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य व पोषण के प्रति हितग्राहियों को जागरूक करना है और उक्त सेवाओं तक उनकी पहंुच को सुगम बनाना है। पोषण माह का आयोजन 05 प्रमुख सूत्रों को लेकर किया गया है- शिशु का प्रथम 1000 दिवस, एनिमिया, डायरिया, हाथ धुलाई व स्वच्छता एवं पौष्टिक आहार (खाद्य विविधता)। इन 05 प्रमुख सूत्रों को आधार बनाकर सभी सहयोगी विभागों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन विभिन्न स्तर पर किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि पोषण अभियान का एक प्रमुख घटक अभिसरण है जिसके अन्तर्गत सभी सहयोगी विभाग एक लक्ष्य अर्थात् कुपोषण से मुक्ति, को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करते हैं। पोषण अभियान का अंतिम लक्ष्य जन आन्दोलन लाना है। पोषण माह के माध्यम से आम जनमानस को पोषण एवं स्वास्थ्य के मुद्दे पर संवेदनशील करते हुए उन्हें जागरूक कर सुपोषण की मुख्य धारा से जोड़ा जाना है। 

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