जब कलेक्टर ने बाइक पर सवार होकर नाला पार किया

दुर्गम ग्राम खरका में जाकर कलेक्टर ने मनाया पोला तिहार 

 
पहली बार जिला अधिकारी को अपने बीच पाकर गद्गद् हुए कमार बाहुल्य ग्रामीण

धमतरी, कलेक्टर रजत बंसल ने आज नगरी विकासखण्ड के संवेदनशील दुर्गम ग्राम खरका में जाकर छत्तीसगढ़ का पारम्परिक पोला त्यौहार मनाया। ग्रामीणों ने अपने बीच सहसा कलेक्टर को पाकर गद्गद् हो गए। कलेक्टर भी ग्रामीणों के बीच बिना किसी औपचारिकता से सहज ढंग से घुल-मिलकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। आज दोपहर कलेक्टर श्री बंसल ने नगरी विकासखण्ड के ग्राम दुगली होते हुए ग्राम जबर्रा पहुंचे। यहां से ग्राम पंचायत खरका के लिए रवाना हुए।


 दुगली से 23 किलोमीटर दूर पहुंचविहीन इस ग्राम तक पहुंचने के लिए चूंकि सड़क सुविधा नहीं है, इसलिए कलेक्टर ने बाइक पर सवार होकर काजल नाले को पार किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपने बीच पाकर उनका पारम्परिक ढंग से स्वागत किया, जिसके बाद कलेक्टर ने वहां ग्रामीणों के साथ मिलकर पोला त्योहार का आनंद लिया।

विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम खरका की आबादी 269 है जहां 60 कमार परिवार निवासरत हैं। ग्रामीणों ने नाले के पानी को रोकने के बंधान (तटबंध) निर्माण की मांग की, साथ ही कतिपय मांगें भी कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने क्रमशः उनकी मांगें व समस्याएं सुनते हुए उनके निराकरण का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी स्वाद चखा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 20 अगस्त को दुगली प्रवास व जबर्रा क्षेत्र में इको टुरिज्म क्षेत्र घोषित किए जाने के उपरांत कलेक्टर ने तत्संबंध में सम्भावनाएं तलाशने आज वनांचल क्षेत्र का दौरा किया। ज्ञातव्य है कि आजादी के बाद पहली बार इस ग्राम में किसी जिलाधिकारी का आगमन हुआ। दुर्गम और संवेदनशील होने के बाद भी कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच यहां कुछ यादगार क्षण साझा किया। इसके पहले, ग्राम जबर्रा में उन्होंने वन औषधालय का भी निरीक्षण किया।

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