मोहन से महात्मा कठपुतली नाटक का मंचन, शिक्षकों ने बताया इसे अविस्मरणीय अनुभव




पवन निषाद विशेष संवाददाता 
मगरलोड  (धमतरी)  । महात्मा गांधी के 150वीं जयंती का उत्सव मनाने के लिए पूरी दुनिया में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन और शिक्षा विभाग के द्वारा मगरलोड विकासखंड के भेंडरी, मेघा और मगरलोड संकुल केन्द्रों में “मोहन से महात्मा” कठपुतली नाटक का आयोजन किया गया। जिसमें बड़े ही रोचक ढंग से कठपुतलियों के माध्यम से एक साधारण बालक मोहन का महात्मा बनने की कहानी को विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय सदस्यों के बीच रखा गया। नाट्य-मंचन के बाद आयोजित चर्चा-परिचर्चा सत्र में विद्यार्थियों ने बताया कि वे गांधी जी के विचार, सत्यनिष्ठा और अहिंसा से बहुत अधिक प्रभावित हुए। गांधी जी के स्वावलंबन और स्वच्छता संबन्धित विचारों को रेखांकित करते हुए बच्चों ने सभी से अपने परिवेश की साफ सफाई पर ध्यान देने का आग्रह भी किया। शिक्षकों ने गांधी जी के जीवन की घटनाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा और अहिंसा का मर्म समझाया। इस अवसर पर क्रिएटिव पपेट थिएटर वाराणसी के प्रमुख व नाटक के निर्देशक मिथलेश दुबे ने नाटक के माध्यम से गांधी जी के जीवन दर्शन को विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उनमे नैतिक मूल्यों के विकास करने की बात कही।  
 
इस अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भेंडरी के शिक्षक एन. एस. ठाकुर, आर. के. देवांगन, मनीषा साहू, सुरेन्द्र कुमार साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेघा के प्राचार्य सुरेश कुमार साहू, कीर्तिलता साहू, देवेंद्र कुमार साहू, वेद कुमार साहू, साधना साहू तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरलोड के प्राचार्य एस. आर. कुर्रे, वीरेंद्र कुमार साहू, हितेश्वरी कुंजाम, वेणुमती पटेल, दीप कुमार साहू , ए आर साहू  बड़ी संख्या में  छात्र छात्राऐ उपस्थित थे ।

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