ग्रामीणों की आय का जरिया बनेगा नरहरा धाम, स्थानीय सहभागिता से होगा पर्यटन क्षेत्र का विकास


कलेक्टर ने चैपाल लगाकर  नरहराधाम में पर्यटन विकास की संभावनाओं से अवगत कराया

धमतरी।नगरी विकासखण्ड के ग्राम झूरातराई-कोटरवाही के समीप स्थित नरहराधाम प्राकृतिक जलप्रपात को पर्यटन के दृष्टिकोण से व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसकी खासियत यह होगी कि नरहरा धाम को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के साथ-साथ इसमें ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उन्हें निश्चित आय और रोजगार मुहैया कराया जा सके। कलेक्टर  रजत बंसल ने मंगलवार 05 फरवरी को नरहरा धाम क्षेत्र का दौरा कर उसके विकास एवं विस्तार के लिए आगामी 25 फरवरी तक विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं।

नरहरा धाम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर उसका प्रबंधन एवं नियंत्रण का प्राधिकार ग्राम समिति अथवा ग्रामसभा को दिए जाने को लेकर कलेक्टर ने ग्राम कोटरवाही एवं झूरातराई के ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाई। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि वन विभाग के द्वारा 54 लाख रूपए की लागत से लगभग 4 किलोमीटर लम्बा पहुंच मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय, स्वच्छता, वाहन पार्किंग, टुरिस्ट गाइड आदि का संचालन स्थानीय ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों का समूह या वन प्रबंधन समिति द्वारा की जाएगी। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए ग्रामीणों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे कि प्रतिदिन कितने सैलानियों की आवाजाही हो, वे अपने साथ क्या सामान लेकर आएं और क्या नहीं, इस संबंध में ग्रामीणों से चर्चा कर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने अलावा पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए प्रतिबंधित पाॅलीथिन, प्लास्टिक से बनी चीजों का इस्तेमाल न हो, इसके लिए भी ग्राम समितियों व जिला प्रशासन के द्वारा संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। पर्यटकों से प्लास्टिक की चीजें लेकर उन्हें समूहों द्वारा तैयार किए गए दोना-पत्तल की चीजें उपलब्ध कराने का कार्य भी स्थानीय समूहों के द्वारा किया जाएगा। सैलानियों की आमद से समूहों को होने वाली आय से ग्रामीणों को स्वरोजगार भी मिल सकेगा।

कलेक्टर ने आगामी 25 फरवरी तक नरहरा धाम पर्यटन क्षेत्र में पार्किंग प्रबंधन, कैंटीन संचालन, सामुदायिक शौचालय, प्रबंधन एवं स्वच्छता संबंधी कार्य, टुरिस्ट गाइड, जैविक खेती के लिए महिला समूहों व ग्रीन आर्मी को तैयार करने, वन प्रबंधन समिति का चयन करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। इसके अलावा वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे पर्यटन क्षेत्र में निर्माणाधीन पहुंच मार्ग की गुणवत्ता की जांच करने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अनुविभागीय अधिकारी द्वारा प्रत्येक सप्ताह में दो बार दौरा कर उसका प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसी तरह वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा 25 फरवरी तक श्रमिकों का नियोजन, निर्माण सामग्री की उपलब्धता आदि का आंकलन कर जानकारी प्रस्तुत करेंगे। नरहरा धाम के सौंदर्यीकरण हेतु मंदिर के समीप स्टील रैलिंग, स्टाप डैम से मंदिर कर रोड कार्य, प्रकाश व्यवस्था, दर निर्धारण बोर्ड आदि का प्राक्कलन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग द्वारा किए जाने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। साथ ही उन्होंने पर्यटन स्थल पर तैयार किए जा रहे सामुदायिक भवन व सामुदायिक शौचालय को भी 25 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

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