कोरोना अलर्ट :अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों को चिन्हांकित कर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच करें- कलेक्टर




कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए व्यापक दिशानिर्देश


धमतरी, वैश्विक स्तर के कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिले में भी प्रशासनिक रूप से सतर्कता बरती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर कलेक्टर  रजत बंसल ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में आने वाले या यहां के ऐसे निवासी जो विदेश यात्रा से लौटे हैं, उनका चिन्हांकन कर स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सैम्पल लेकर जांच कराएं। साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों की भी पहचान कर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच कराई जाए। यदि कोई संदेही मिले उसे स्वास्थ्य विभाग की सघन निगरानी में क्वारंटाइन में रखें, जहां पर 14-14 दिनों की निगहबानी में प्रत्येक लक्षण पर गौर करें।


कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में चार क्वारंटाइन स्थापित किए गए हैं, जिनमें नगरी विकासखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र केरेगांव, कुकरेल के पथर्रीडीह स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय, जिला मुख्यालय में लाइवलीहुड काॅलेज तथा कुरूद के पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना एक जानलेवा संक्रामक रोग है जो संक्रमित आदमी के सम्पर्क में आने से होता है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा इलाज है। चूंकि यह मुख्यतः संक्रमण से फैलता है इसलिए संक्रमित व्यक्ति को पृथक् रखकर गहन चिकित्सा में रखा जाना अनिवार्य है, जिससे उनका सम्पर्क कम से कम हो व लोग संक्रमित होने से बच सकें।

कलेक्टर ने ब्लाॅक को इकाई मानते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने, संदेही व्यक्ति का फौरी तौर पर स्वास्थ्य जांच कराने बीएमओ के पास लेकर आने तथा भीड़ के रूप में एक जगह लोगों को इकट्ठा नहीं होने देने के लिए पंचायत सचिवों को जारी निर्देश करने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी तरह शिक्षकों के द्वारा वर्तमान मंे निवासरत गांव अथवा शहर में बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के साथ-साथ ससपेक्टेड व्यक्ति का चिन्हांकन करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। बैठक में उन्होंने बताया कि जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर टीम गठित कर बाहर से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने अंतरराज्यीय तथा अंतरजिला से आने वाली बसों में सफर करने वाले ऐसे यात्री जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार तथा सांस लेने की तकलीफ जैसी समस्या हो, का बस स्टाॅप पर ही स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आरटीओ को निर्देश दिए। इसके अलार्वा इंट भट्ठों, राइस मिलों में काम करने वाले बाहर से आने वाले मजदूरों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया। साथ ही जिले में मास्क एवं सैनिटाइजर की उपलब्धता व निर्धारित दरों पर विक्रय के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षकों को निगरानी करने के लिए कहा।
इसके पहले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से होता है, चाहे व शरीर के किसी अंग के सम्पर्क में आने से छींक अथवा खांसी के माध्यम से इससे ग्रसित हो सकता है। तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, सीने में जकड़न तथा सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं। इससे बचने के लिए दिन में अनेक बार हाथ धोने, छींकते-खांसते वक्त मुंह पर रूमाल अथवा कपड़ा अनिवार्य रूप से रखें। बैठक में एसपी बीपी राजभानू, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर  दिलीप अग्रवाल सहित स्वास्थ्य एवं विभिन्न विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

 जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण -विश्वव्यापी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों का जायजा लेने कलेक्टर  रजत बंसल ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में निर्मित चार बिस्तर आइसोलेशन वार्ड का भ्रमण कर आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि आईसोलेशन वार्ड को आवश्यक जीवनरक्षक दवाईयों के साथ अन्य आवश्यक उपकरण जैसे वेंटीलेटर, आॅक्सिजन काॅन्सनट्रेटर, आॅक्सिजन सिलेण्डर, सक्शन मशीन से युक्त किए गया है। साथ ही प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञ एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि संक्रमण के फैलने से बचाव के लिए वर्तमान में जिला चिकित्सालय में 120 नग एन-95 मास्क, थ्री लेयर माॅस्क 230 नग एवं संभावित संक्रमित मरीजों की जांच के लिए 40 नग व्ही.टी.पी.किट तथा 70 नग पीपीई किट उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना के वायरस का आकार अन्य वायरस की अपेक्षा अधिक होने के कारण सामान्य मास्क का उपयोग बचाव के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एन-95 मास्क का उपयोग संक्रमित व्यक्ति अथवा संदिग्ध व्यक्ति द्वारा एवं थ्री लेयर माॅस्क संपर्क में रहने वाले लोगों द्वारा किया जाना होता है। बताया गया है कि संक्रमण से बचाव के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाके से जहां तक हो सके दूर रहना चाहिए और साबुन का उपयोग हाथ धोने के लिए किया जा सकता है।

महामारी घोषित -विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को महामारी घोषित की गई है। कलेक्टर रजत बंसल ने कोविड-19 महामारी के प्रसार से आम नागरिकों को बचाने के लिए जिले में महामारी रोग एक्ट 1897 के तहत अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिले में महामारी अधिनियम 1897 लागू हो चुकी है। उक्त अधिनियम के तहत देश के सभी राज्यों में महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2 के प्रावधानों के तहत खतरनाक महामारी रोग के रूप में विनियमों को निर्धारित करने के लिए किए जाने वाले विशेष उपाय शामिल हैं। इसके तहत विदेश से यात्रा कर आने वाले नागरिक, जिन्हें किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी है, वे आमजनों के बचाव एवं वातावरण विषाणु के संचरण की संभावना को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति को कोरेन्टाईन एवं होम आईशोलेसन करने का प्रावधान है। कलेक्टर ने नोडल अधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले में आम जनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं खतरनाक महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए विशेष उपाय किया जाए। साथ ही अधिनियमों के तहत किए गए किसी भी विनियम अथवा आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (1860 में से 45) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। 







 

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