गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेने किया जाएगा प्रोत्साहित,कुपोषित बच्चों का डेटाबेस होगा तैयार


 

   खान-पान के व्यवहार में परिवर्तन कर कुपोषण मुक्ति की कवायद



धमतरी 12 जून 2020। अब जिले के 5 साल तक की उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों का डेटा बेस तैयार किया जाएगा। महिला और बाल विकास विभाग द्वारा इस आधार पर एक एप बनाकर इन बच्चों की सूची उसमें डाली जाएगी, ताकि इन बच्चों की उचित देखभाल, कुपोषण मुक्ति के लिए और गंभीरता से प्रयास किए जा सकें। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला और बाल विकास को इस दिशा में आगे काम करने के निर्देश  महिला और बाल विकास विभाग की बैठक लेकर दिए। उन्होंने कुपोषण मुक्ति के लिए सभी तरह के कवायद करने कहा, इसमें खान पान के व्यवहार परिवर्तन, सही देखभाल इत्यादि शामिल हैं। इसके लिए जिले के विभिन्न समाज सेवी, स्वयं सेवी संगठन, व्यापारी, जनप्रतिनिधि, ठेकेदार, अधिकारियों को 0-5 साल तक के गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेने प्रोत्साहित किया जाएगा। कलेक्टर ने स्वयं दस बच्चों को गोद लेने की इच्छा जताई है, किन्तु इससे पहले पूरा डेटा तैयार करना जरूरी है। बैठक में विभाग की वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुपोषण को कम करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि जिले में कुल 16.8 बच्चे कुपोषित हैं।
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत चयनित 155 आंगनबाडियों जहां बच्चों में  कुपोषण का दर अधिक है वहां उनमें कुपोषण कम करने प्रयास किया जा रहा है। अब इस कड़ी में गोद लेने के अलावा, खान पान के व्यवहार में परिवर्तन और परिवार सम्मेलन को भी जोड़ा जाएगा। हर गांव में परिवार सम्मेलन में अभिभावक, घर के बुजुर्ग, मितानिन, स्व सहायता समूह, जनप्रतिनिधियों को आमन्त्रित कर बच्चों के खान पान में उचित मात्रा में सभी पोषक तत्व को शामिल करने प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने पर कलेक्टर ने जोर दिया है। जिले में ऐसी सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पुरस्कृत किया जाएगा जो कुपोषण मुक्ति की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करेंगी।

महिला शिक्षक को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा
  जिले में इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को स्वास्थ्य और पोषण शिक्षा देने के लिए अब हर स्कूल में एक महिला शिक्षक को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। कलेक्टर ने इस दिशा में आगे की रणनीति बनाने के निर्देश विभाग को दिए। इसके साथ ही जून माह के अंत तक सभी कुपोषित और एनेमिक बच्चे और 18 से 49 साल तक की एनीमिक महिलाओं का चिन्हांकन कर सूची बनाई जाएगी जिससे इस के लिए भी कार्ययोजना प्रभावी तरीके से बनाई जा सके। कलेक्टर सभाकक्ष में आहूत इस बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा करने के अलावा गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना, जननी सुरक्षा तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत भत्ता दिलाने पंजीयन कराने और लाभ दिलाने के लिए परियोजना अधिकारी ,महिला और बाल विकास और सम्बन्धित विभाग को जिम्मेदारी सौंपी।

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