पुलिस की बड़ी कामयाबी:गोबरा एरिया कमेटी के एलओएस कमांडर रवि कुमार उर्फ सन्नू हुआ ढेर



देर रात्रि हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में अन्य सशस्त्र माओवादी भी थे शामिल 


सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर धमतरी डीआरजी टीम की सफल कार्यवाही



 भूपेंद्र साहू
धमतरी।30 अगस्त को थाना नगरी क्षेत्र अंतर्गत घोरागांव के घने जंगल में सशस्त्र माओवादियों के उपस्थिति की  सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक  बी.पी. राजभानू के दिशा निर्देश में थाना नगरी की डीआरजी टीम नक्सल सर्चिंग अभियान के लिये रवाना हुई । रात्रि करीबन 10 बजे पुलिस पार्टी सर्चिंग करते हुए ग्राम घोरागांव के घने जंगल के पास पहुंचे, जहां कई सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति होने पर अतिरिक्त बल की आवश्यकता हुई, जिस पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार रिइंफोर्समेंट हेतु थाना दुगली की डीआरजी पार्टी नंबर 2 को तत्काल तैयार कर रवाना किया गया ।एसपी स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  मनीषा ठाकुर रावटे एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नगरी  नीतीश ठाकुर के साथ रवाना हुए।

   इसी दौरान घोरागांव के जंगल में घात लगाए बैठे सशस्त्र माओवादी नक्सलियों ने पुलिस पार्टी को आते देख कर उन्हें जान से मारने व हथियार लूटने की नीयत से आधुनिक हथियार से अंधाधुंध फायरिंग करने लगे, तब पुलिस पार्टी के द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग किया गया । पुलिस पार्टी को भारी पड़ते देख सशस्त्र माओवादी नक्सली घने जंगल व अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।

फायरिंग बंद होने के बाद पुलिस पार्टी ने घटनास्थल का बारीकी से सर्चिंग किया गया, जिसमें मौके पर 30-35 वर्षीय एक सशस्त्र पुरुष नक्सली का शव हथियार सहित मिला। जिसकी पहचान गोबरा एरिया कमेटी के एलओएस कमांडर रवि कुमार उर्फ सन्नू के रूप में हुई ।मौके पर एसएलआर मैगजीन, जिंदा कारतूस, विस्फोटक सामान डेटोनेटर, बैटरी, पुस्तकें, इलेक्ट्रिक वायर, नेल कटर एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई।

जवानों ने दिखाई हिम्मत

      बारिश के मौसम में दो नाले, उफान में आई सोंढूर नदी व पहाड़ को पार करके उक्त स्थान पर पहुंचना दुर्गम था फिर भी इन चुनौतियों को जवानों ने सहर्ष स्वीकार किया। मुठभेड़ में डीआरजी नगरी की टीम द्वारा अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए प्राप्त सूचना पर अल्प समय में तैयारी कर अपनी छोटी टीम लेकर ही घटनास्थल पर पहुंचे तथा मुठभेड़ में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित किए, जो उनके उत्तम दर्जे के कर्तव्य परायणता का द्योतक है।

एसपी, एएसपी घने जंगलों के बीच नदी पार कर पहुंचे

  सूचना पाकर तुरंत पुलिस अधीक्षक  बी.पी. राजभानू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नगरी नीतिश ठाकुर भी रिइंफोर्समेंट बल के साथ  घटनास्थल रवाना हुए।घोरागांव का घना जंगल जो मुख्य मार्ग से करीब 15 किलोमीटर दूर कच्चा रास्ता व सोंढूर नदी के बहाव को पार करते हुए 7 किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंचे तथा जवानों का मनोबल बढ़ा कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही सर्चिंग पार्टी, बरामद किए गए नक्सली के शव व सामग्रियों के साथ जंगल से सुरक्षित बाहर लाए। बरामद नक्सली के शव का विधिवत पंचनामा व वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

 मुठभेड़ में नगरी डीआरजी टीम के ये जवान थे शामिल-
प्रधान आरक्षक संजीव मालेकर, आरक्षक सौरभ पटेल, राकेश राजपूत, चोवाराम रावटे, मुकेश ध्रुव, यतीश जुर्री, सहायक आरक्षक सत्यनारायण, दुर्गेश यादव, नेहरू पटेल, रमेश गजबल्ला, जोहन एवं कैलाश मंडावी।

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