VDO:जान जोखिम में डालकर दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने पहुंच रहे हैं वारियर्स



 कठनाइयों का सीना चीर लोगों से हो रहे रूबरू


आरती गुप्ता
नगरी। इस बारिश के मौसम में खल्लारी के बिहड़ क्षेत्रों में जाने की लोग कल्पना भी नहीं कर सकते वही हेल्थ वारियर यहां पहुंच कर लोगों को सजग कर रहे हैं।हम बात कर रहे है सांकरा सेक्टर के स्वास्थ्य विभाग टीम की, जो अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों के घर पहुचकर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराकर दायित्वों को बखूबी निभा रहे है।

सिहावा विधानसभा का रिसगांव क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है कई बार शासन-प्रशासन से मांग करने के बाद भी इस क्षेत्र में आजादी के बाद से सड़क का निर्माण नही हो सका है ।ऐसे में कोरोना वालेंटियर के नाम से मशहूर स्वाथ्य विभाग की टीम लोगो को स्वास्थ्य सुविधा देकर मिशाल कायम कर रही है।

 दरअसल विधानसभा का आदिवासी बाहुल्य इलाका जिसमे रिसगांव,इक्कवारी,चमेंदा, छोटा झरिया,फरसगांव,गाताबहारा,आमझर, मुहकोट,जोगिबिरदो सहित अन्य ग्राम समाहित है ।यहां सड़क की समस्या अब तक बनी हुई है। कई सरकारें आई और चली गई पर इस इलाके मे सड़क की स्थिति जस की तस है। जंगल के रास्ते कच्चे मार्ग में लोग गिरते पड़ते अपने गंतब्य तक पहुच पाते है। ऐसे इलाके में सांकरा सेक्टर स्वास्थ्य विभाग की टीम, महीने में चार से पांच बार पहुचकर अपने कर्तब्यों के निर्वहन में लगी हुई है।

ब्लॉक मुख्यालय से खल्लारी की दूरी तकरीबन 32 किलोमीटर है इस मार्ग में गांव नही के बराबर है बारिश के दिनों में जंगल के इन रास्तों मे चलना दूभर हो जाता है। सांकरा से गहनासियार तक ही गांव है उसके बाद 10 किलोमीटर तक केवल और केवल जंगल, बीच मे फरसगांव पड़ता है उसके बाद फिर वही घनघोर जंगल ऐसे में कई किलोमीटर पैदल चलते टेढ़े मेढ़े रास्ते से गुजरते सोंढुर व कारीपड़ाव नदी को पार कर कठनाइयों का सीना चीरते लोगो को स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराने में लगे है ।


सांकरा सेक्टर के आरएचओ जिसमे महिलाये भी शामिल है वो भी इस दुर्गम इलाके में रोज अपनी सेवाएं दे रही है। जान की परवाह किये बिना ये इस क्षेत्र के लोगो की मलेरिया, गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की जांच में जी जान से लगे है। आरएचओ तरुण साहू ने बताया कि 6 सदस्यी टीम 29 जून को इन ग्रामो में पहुच कर स्वास्थ सुविधा मुहैया कराई है जिसमे आरएचओ भेष ध्रुव,नरेश उइके,वेदप्रकाश साहू,झलेन्द्र कुमार साहू,स्टाफ़ नर्स कविता साहू  शामिल थे।

 तरुण ने बताया कि महीने में चार से पांच बार ये इस क्षेत्र में जाकर लोगो की स्वास्थ्य जांच करते है जबकि भेष ध्रुव महिला होकर भी इस क्षेत्र का दौरा रोजाना करती है जहाँ पर जाने में पुरुषों के भी पसीने छूट जाते है।

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