16 सितंबर से आंगनबाड़ियों में मिलेगा गर्म पका भोजन, कोरोना संक्रमण से बचाव के तहत सभी एहतियात बरतने कलेक्टर ने दिए निर्देश



सामाजिक दूरी, साबून से हाथ धुलाई और कपड़े का मास्क पहनने पर दिया गया बल


धमतरी 11 सितंबर 2020। आगामी 16 सितंबर से ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों, गर्भवती और शिशुवती माताओं को गर्म पका भोजन दिए जाने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। इसके मद्देनजर कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर सभी आंगनबाड़ियों में हर रोज एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट के घोल से पोछा लगाने कहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत से इंतजाम किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि वे महिला एवं बाल विकास के अमले को इस घोल को तैयार करने की सही विधि से अवगत कराएं। 

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आहूत इस बैठक में कलेक्टर ने कोरोना से बचाव के सभी उपाय आंगनबाड़ियों में करते हुए बच्चों को गर्म पका भोजन देने के निर्देश दिए हैं। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को अनिवार्य रूप से कपड़े का मास्क लगाने, आंगनबाड़ी गर्म पका भोजन खाने के लिए आने वाले बच्चों का साबून से अनिवार्य रूप से हाथ धुलाने के साथ ही दोपहर 12 से दो बजे तक इन बच्चों के आने का समय भी तय करने कहा है। उन्होंने जोर दिया है कि आंगनबाड़ी में दर्ज ऐसे बच्चे, जिनका घर आस-पास हो, उन्हें गर्म पका भोजन आंगनबाड़ी में खिलाने की बजाय घर पर ले जाने को कहा जाए। साथ ही गर्भवती और शिशुवती माताओं को भी गर्म पका भोजन आंगनबाड़ियों में खिलाने की बजाय, घर ले जाकर खाने को प्रोत्साहित करने पर बल दियाय गया। यह भी ध्यान रखना होगा, कि यदि किसी बच्चे अथवा गर्भवती/शिशुवती माता को सर्दी, खांसी, बुखार है या फिर उनके घर में कोई कोरोना संक्रमित मरीज है, तो ऐसे हितग्राही आंगनबाड़ी केन्द्र में नहीं आएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को बच्चों की संख्या के आधार पर उनके आने का समय तय करते हुए गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने पर कलेक्टर ने विशेष बल दिया है।

इसके साथ ही सुपवाइजर को भी नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा कर सुनिश्चित करना होगा कि शासन की मंशा अनुरूप और कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय करते हुए आंगनबाड़ियों में बच्चों को गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही ए.एन.एम. और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को यह भी तय करना होगा कि बच्चों का नियमित रूप से टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही गर्भवती महिलाओं की चार बार ए.एन.सी. जांच और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर ने बैठक में दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने पूरक पोषण आहार के तहत समय पर भुगतान भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास  मुरलीधर नायक, स्वास्थ्य विभाग से शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.बी.के.साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ तथा वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी सुपरवाइजर बैठक में शामिल रहे।

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