ठंड के मौसम में शीत लहर से बचाव के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश


धमतरी 13 नवम्बर 2020। प्रदेश में ठंड के मौसम में शीत लहर और पाला की स्थिति उत्पन्न होने पर जनसामान्य को इससे बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दिए गए हैं। इसके मद्देनजर कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने आयुक्त, नगरपालिक निगम धमतरी सहित सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिए गए दिशा-निर्देश अनुसार आवश्यक कार्रवाई कर निर्धारित प्रपत्र में प्रतिदिन जानकारी कलेक्टोरेट को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।



    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में सामान्यतः माह दिसम्बर से जनवरी के बीच ठंड की व्यापकता और तीक्ष्णता कभी-कभी शीत लहर का रूप ले लेती है। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले निःसहाय, आवासहीन, गरीब, वृद्ध और स्कूल जाने वाले विद्यार्थी को ठंड से प्रभावित होने की संभावना रहती है। अतः शीत लहर से प्रभावित होने वाले जनसामान्य को बचाव के लिए समुचित प्रबंध अभी से कर लिया जाए। बताया गया है कि शीत लहर और पाला से बचाव के लिए रिक्शाचालकों, दैनिक मजदूरों, आवासविहीनों और सदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्तियों हेतु रैन बसेरा अथवा अस्थाई शरण स्थलों में ठहराने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। रात्रि में रैन बसेरा शरण स्थलों में पर्याप्त मात्रा में कम्बल रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिले में शीत लहर की स्थिति में शीत प्रकोप से बचाने हेतु अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। इसमें यह सावधानी रखी जाए की कहीं आगजनी की घटना नहीं हो। शीत प्रकोप से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का भण्डारण एवं चिकित्सा सेवाएं लोगों को उपलब्ध कराने समुचित व्यवस्था करने एवं चिकित्सा दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।



    शीत प्रकोप से रबी फसलों के बचाव के लिए कृषि विभाग के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर आवश्यक समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। मृत एवं पीड़ित परिवारों एवं प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आवश्यक अनुदान सहायता दी जाए। शीत लहर के प्रकोप से बचाव एवं प्रबंधन हेतु स्थानीय यूनीसेफ, रेड क्राॅस सोसायटी और अशासकीय संगठनों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाए।

 


    शीत लहर के समय जनसामान्य को भी सजग रहने की अपील की गई है-इसके तहत लोगों से अनुरोध किया गया है कि जितना संभव हो घर के अंदर रहे, आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकले। वृद्ध व्यक्तियों का ध्यान रखें तथा उन्हें अकेला नहीं छोड़े। यह भी सुनिश्चित करें कि पॉवर सप्लाई आपात काल में भी रहे। ऐसे आवासों का उपयोग करें जहां तापमान सही रहता हो, आवश्यकतानुसार गर्म पेय पीते रहे। शीत लहर से बचाव हेतु टोपी या मफलर का उपयोग किया जा सकता है अर्थात सिर एवं कान ढ़ंककर रखे। यदि केरोसिन व कोल के हीटर का उपयोग करते है तो गैस एवं धुआं निकलने के लिए रोशनदान की व्यवस्था रखें तथा स्वास्थ्यवर्द्धक खाने का उपयोग करें। यदि सर्दी से संबंधित कोई प्रभाव शरीर पर दिखाई दे जैसे नाक, कान, पैर, हाथ की उंगलियां आदि लाल हो, तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। असामान्य तापमान की स्थिति अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति में तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें।

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