एसबीआई के चार एटीएम से छेड़छाड़ कर निकाले करोड़ों रुपए

 

अज्ञात के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज



भूपेंद्र साहू

धमतरी। शहर के एसबीआई के एटीएम से अज्ञात द्वारा ट्रांजैक्शन कर स्टेट बैंक को करोड़ों का चूना लगाने का मामला सामने आया है। लगभग 4 माह  तक 1810 ट्रांजैक्शन किए गए हैं इसमें सभी ट्रांजैक्शन अन्य बैंक के कार्ड से हुए हैं। चारों एसबीआई के एटीएम एक ही कंपनी द्वारा मेंटेनेंस किया जाता है। धमतरी एसबीआई के मुख्य प्रबंधक संतोष राय ने इसकी रिपोर्ट थाना सिटी कोतवाली में दर्ज कराई है।भारतीय स्टेट बैंक धमतरी ब्रांच के तेरह ATM हैं। इनमें से चार ATM में कई संदेहास्पद घटनाएं हुई हैं। जिन ATM में घटनाएं हुई हैं वे  हैं PHE आफिस के पास रुद्री रोड में स्थित, अम्बेडकर चौक,एच.पी.पेट्रोल पम्प के बाजू ,रामबाग बाजार के पास स्थित । इन ATM में 11 जुलाई से 2 दिसम्बर तक के दौरान कई घटनाएं हुई हैं तथा यह घटनाएं वर्तमान में भी अज्ञात अपराधीयों के व्दारा निरन्तर की जा रही हैं। 


अपराध का तरीका 

अज्ञात अपराधी किसी दूसरी बैंक का ATM कार्ड इस्तेमाल करके भारतीय स्टेट बैंक के ATM में उपयोग किया गया। वह रकम withdraw करने के लिये आदेश देता है ATM मशीन से रकम निकाल लेता है तथा अपराधी ATM मशीन में कुछ इस प्रकार की छेड छाड करता है कि ATM मच्चीन के EJ log es Error code M-13, M14, M18, and SSt Error होना दर्शाती है। इस तरह अपराधी पूरी रकम प्राप्त कर लेता है परन्तु मशीन के EJ  Log Book में Error होना दर्शित होता है।इसके बाद अपराधी Transaction Fail होने के कारण उनके खाते में से काटी गई राशि को वापस जमा किये जाने की मांग अपनी बैंक से अर्थात ATM कार्ड जारी करने वाली बैंक से करते हैं। इस Transaction Fail की राशि को रिजर्व बैंक की गाइड लाइन के अनुसार पांच दिनों के अंदर ATM मशीन वाली बैंक को अनिवार्य रुप से ATM कार्ड जारी करने वाली बैंक के पास वापस जमा करनी होती है इस तरह बैंक को दोगुना घाटा होता है। इस तरह 11 जुलाई से 2 दिसंबर तक भारतीय स्टेट बैंक की धमतरी शाखा से सम्बंधित चारों ATM जिसका संचालन Mphasis company के व्दारा किया जाता है। उक्त ATM मशीनों से करोड़ों रुपये से अधिक की राशि की ठगी हो चुकी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जितने भी आहरण हुए हैं उसमें से कोई भी एसबीआई का एटीएम धारक नहीं है सभी अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड से ही पैसे निकाले गए है।




इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर ने बताया कि एसबीआई के चार एटीएम से अलग-अलग बैंक के कार्ड धारियों द्वारा 1810 ट्रांजैक्शन कर करोड़ों रुपए निकाले गए हैं। मुख्य प्रबंधक की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है प्रथम दृष्टया में मशीन से छेड़छाड़ या हैक करने का मामला लग रहा है।


ATM मशीन की कार्यप्रणाली इस प्रकार है 

भारतीय स्टेट बैंक के हर ATM में जितनी भी नकद रकम डाली जाती है और उसमें से जितनी रकम withdrawl की जाती है उसका पूर्ण हिसाब EJ (Electronic Journal) Log Book में रखा जाता है। किसी भी संव्यवहार के Fail होने की स्थिती में Fail हुए संव्यवहार की रकम ATM Machine में ही जमा रहती है एवं हिसाब में वह रकम Excess पाई जाती है। भारतीय स्टेट बैंक के प्रत्येक ATM machine के व्दारा जो भी Transaction किया जाता है वह Automatic होता है उसमें कोई भी मानवीय हस्तक्षेप Human Intervention नहीं होता है। भारतीय स्टेट बैंक के हर ATM machine के व्दारा किये गये प्रत्येक Transaction की प्रविष्टी Automatic रुप से EJ Log Book में हो जाती है।



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