जिले में 3 केंद्र में वैक्सीनेशन का ड्राई रन,पाई गई कुछ कमियां

 


 मॉक ड्रिल के तहत लगाए गए लोगों को वेक्सीन

भूपेंद्र साहू

धमतरी। कोरोना से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीकाकरण के पूर्व धमतरी जिले में ड्राई रन (मॉक ड्रिल) किया गया।जिले में तीन जगह केंद्र बनाए गए थे तीनों जगह 25  25 लोगों को वैक्सीनेशन के लिए बुलाया गया।इलेक्शन मोड पर सभी को टीका लगाया जाना है। इस दौरान जो कमी महसूस की गई उसे मुख्य चरण में पूरा किया जाएगा।

शुक्रवार 8 जनवरी को धमतरी जिले में ड्राई रन किया गया। इसके लिए 3 केंद्र बनाए गए। धमतरी शहर में  शिव सिंह वर्मा कन्या स्कूल, भटगांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नगरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाया गया था। तीनों जगह 25  25 लोगों को टीकाकरण के लिए ऐप के माध्यम से s.m.s. भेजा गया था। सुबह लगभग 9 बजे से टीकाकरण शुरू हो गया। व्यवस्था देखने नोडल अधिकारी एचएल गायकवाड, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे,जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ बीके साहू लगातार मोनिटरिंग कर रहे थे। धमतरी में शिव सिंह वर्मा कन्या साला को वैक्सीनेशन केंद्र बनाया गया था जहां पर आसपास के रहने वाले प्रथम चरण के लिए नामांकित स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण के लिए पहुंचे।


 5 चरणों में  टीकाकरण 

1 पूछताछ पटल- यहां नगर निगम से संजय गुप्ता और नितिन बनवासी मौजूद थे। जिनके द्वारा टीका के लिए पहुंचने वालों को पहले सैनिटाइजर उनका थर्मल स्कैन किया गया। नाम पता लिखकर आगे भेज गया। 

2 पंजीयन कक्ष- यहां एएनएम मनीषा सिन्हा ने सत्यापन करने के पश्चात उन्हें टीकाकरण कक्ष भेजा गया ।

3 टीकाकरण कक्ष-  यहां शहरी स्वास्थ्य में पदस्थ कुलेश्वरी नागरची वैक्सीनेटर ऑफिसर के रूप में मौजूद थी। जिनके द्वारा टीका लगाया गया।

4 निगरानी कक्ष-  टीका लगाने के बाद इस कक्ष में हर व्यक्ति को 30 मिनट तक इंतजार करना है। ताकि किसी प्रकार की तकलीफ होने पर उसे दूर किया जा सके। यदि कोई लक्षण मिलते हैं वहां मौजूद मेडिकल ऑफिसर इलाज करेंगे। निगरानी कक्ष में एएनएम सुधा साहू और मोबिलाइजर सायरा खान मौजूद थी। इसी में ही एक छोटा सा आपातकालीन कक्ष बनाया गया था। जहां पर इमरजेंसी दवाइयां, ऑक्सीजन,एम्बुश बैग,शुगर बीपी मशीन रखी हुई थी ताकि इमरजेंसी इलाज दी जा सके।

5 पुनः पंजीयन कक्ष- हितग्राही को पुनः पंजीयन कक्ष जाना है ताकि उसको पोर्टल में अपडेट किया जा सके।

 सामने में वेटिंग हॉल बनाया गया था जहां पर पीने का पानी,हैंड वाश भी रखा हुआ था।स्कूल के केंद्र में शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभारी डॉ अनुराग गुप्ता,डॉ रचना पदमवार भी मौजूद थे। व्यवस्था के लिए पांच महिला नगर सैनिक की ड्यूटी लगाई गई थी।

 मरीज की तबीयत बिगड़ी अस्पताल में इलाज शुरू होने में लगे 20 मिनट 

कोरोना वैक्सीनेशन मॉक ड्रिल के तहत भटगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक हितग्राही का तबीयत खराब होना दिखाया गया। जिसमें उसे लाने और इलाज शुरू करने में काफी देरी देखी गई।भटगांव पहुंची  एएनएम कमला नेताम को मॉक ड्रिल के तहत टीका लगाया गया।अवलोकन  कक्ष में थोड़ी देर बाद उसे घबराहट और सांस में तकलीफ होने लगी ।वहां से एंबुलेंस में डॉ के के साहू की निगरानी में 25 मिनट में जिला अस्पताल लाया गया।लाने के बाद जिला अस्पताल में  5 मिनट तक वार्ड बॉय का मुख्य गेट में इंतजार किया गया ।जब वार्ड ब्वाय पहुंचा  तो एंबुलेंस की टीम अंदर से वापस नहीं लौटी थी। फिर एंबुलेंस ड्राइवर गायब मिला। ऐसे 10 मिनट गुजर गए। फिर यह पता चला कि उसे दूसरे गेट से प्रवेश कराना है ।दूसरे गेट में प्रवेश कराने के बाद उसे पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया,तब तक लगभग 20 मिनट हो चुके थे। इस तरह से मॉक ड्रिल में समन्वय की कमी दिखाई दी। तबीयत बिगड़ने लेकर जिला अस्पताल में इलाज शुरू होने में 45 मिनट का समय लग गया जो काफी वक्त होता है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे ने बताया कि धमतरी जिले में तीन केंद्रों में ड्राई रन सफल रहा। सिर्फ शिव सिंह वर्मा स्कूल में लिस्ट चस्पा नहीं किया गया था। तैयारी अच्छी थी, चेक लिस्ट में सभी जगह सही पाए गए। भटगांव से जो मरीज लाया गया उसे पता किया जाएगा कि कितने मिनट में वह पहुंचा और अस्पताल में इलाज शुरू होने में आखिर क्यों देरी हुई। इसकी  विश्लेषण के लिए बैठक होगी यदि ऐसा पाया गया है तो उन कमियों को मुख्य टीकाकरण के दौरान पूरा कर लिया जाएगा।

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