बसंत पंचमी पर हुई सरस्वती पूजा,विद्यारंभ संस्कार, होलिका के लिए अंडा पेड़ विधि विधान से स्थापित

 

धमतरी।बसंत पंचमी हिंदुओं का एक ऐसा त्यौहार है जिस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है भारत के अलावा पश्चिमोत्तर बांग्लादेश और नेपाल में भी यह उल्लास से मनाई जाती है। इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते है। पूरे साल को जिन छह मौसमों में बांटा गया है उसमें बसंत लोगों का सबसे प्यारा मौसम माना जाता है ।जब फूलों में बाहर आती है खेतों में सरसों का फूल मानो सोना चमकने लगता है। जौ,गेहूं की बालियां खिलने लगती है, आम के पेड़ों में बौर आ जाता है। 

पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण ने सरस्वती से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था कि वसंत पंचमी के दिन तुम्हारी आराधना की जाएगी और तभी से इस वरदान के फल स्वरुप भारत देश में वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी की पूजा आज तक जारी है।


बसंत पंचमी के अवसर पर वंदे मातरम स्कूल में तीन कुंडीय गायत्री यज्ञ के साथ 12 लोगों का विद्यारंभ संस्कार पूजन किया गया। गजानन साहू द्वारा कराए गए यज्ञ में स्कूल के संचालक सुबोध राठी, प्राचार्य श्रद्धा राठी सहित पालक शामिल हुए।

सांस्कृतिक प्रोत्साहन समिति रामबाग धमतरी के छोटे बच्चों के समूह ने बसंत पर्व  के आगाज के शुभारंभ अवसर पर मेहनत कर होलीका (अंडा)पेड़ लाए और पूजा पाठ कर विधि विधान से स्थापित किया। फागुन के मस्ती भरे आशा उत्साह का संचार करने वाली फागुनी पर्व होलिका पखवाड़े का शुभारंभ किया।




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