मां ने मना किया तो कोठा में गोबर से उकेरी कलाकृति,अब इस आरक्षक की चित्रकारी से थानों की बढ़ रही शोभा



भूपेंद्र साहू

धमतरी।बचपन में लाख मना करने के बावजूद अपने प्रतिभा को गोबर और अन्य माध्यमों से वह प्रदर्शित करता रहा। अब वही पुलिस विभाग का आरक्षक बनने के बाद अपनी पेंटिंग के माध्यम से लोगों का दिल जीत लिया है उसकी चित्रकारी कई थाना एवं कार्यालयों में शोभायमान हो रही है। जिसकी लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

 हम बात कर रहे हैं पुलिस  लाइन में पदस्थ अरौद लीलर निवासी भुपेश सिन्हा की, जो अभी थाना सिटी कोतवाली में एक से बढ़कर एक पेंटिंग बना रहे हैं। भुनेश  ने चर्चा के दौरान अपनी बचपन से लेकर अब तक के सफर को बताया ।उन्होंने कहा कि बचपन में ही उसको पेंटिंग का शौक था दीवारों  को गंदा करने पर मां डांटती थी और यह सब करने से मना करती थी, तब मवेशियों के कोठा में जाकर गोबर से कलाकृति बनाया करता था। धीरे-धीरे यह शौक बढ़ता गया स्कूल में भी  चित्रकारी करने लगा उसके बाद उन्होंने जीव विज्ञान विषय ले लिया। 2006-07 में आरक्षक के पद पर भर्ती हुआ और जिस थाना में वह जाता है वहां कुछ ना कुछ चित्रकारी करता रहता है। ड्यूटी करने के अलावा जो समय मिलता है उस समय में वह पेंटिंग करता है।

 पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कुरुद थाना में भुपेश ने पेंटिंग बनाया था जिसकी तारीफ एसपी ने करते हुए उसे मॉडल थाना भी घोषित किया था ।अभी कोतवाली का रंग रोगन किया गया है तो उन्हें पेंटिंग के लिए बुलाया गया है।

 ज्ञात हो कि पुलिस विभाग में ऐसे कई प्रतिभावान अधिकारी कर्मचारी हैं जिन को निखारने की आवश्यकता है।खेल, गायकी, चित्रकारी जैसे कई क्षेत्र में  प्रतिभावान लोग मौजूद हैं, ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, ताकि इससे पुलिस विभाग का नाम भी रोशन होगा और उनके कला को प्रदर्शित करने का मौका भी मिलेगा।



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