रास्तों की अड़चनों से.. हम कभी नही डरते..बात हो न्याय की.. हम पीछे नहीं हटते- भूपेश बघेल

 

मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत किया 2021-22 का बज़ट


मत्स्य पालन को मिलेगा कृषि का दर्ज़ा,बस्तर टाइगर्स के नाम से गठित होगा विशेष पुलिस बल


कन्या छात्रावास-आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2200 नवीन पदों का सृजन 


रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2021-22 वित्तीय वर्ष के लिए आज छत्तीसगढ़ का बज़ट प्रस्तुत किया। जिसमें राम वन गमन परिपथ के लिये 30 करोड़ का, देवगुड़ी निर्माण हेतु 50 लाख तक अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान देने की बात कहते हुए बताया कि  प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। प्रदेश में 119 नए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए जाएंगे।

 पर्यटन हसदेव बांगों और सतरेंगा को अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित  किया जाएगा । विधानसभा में अपने उदबोधन में भूपेश बघेल ने कहा कि बीते साल कोरोना की वजह से संकट और चुनौती भरा रहा है, मुझे बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने कोरोना के काल में मनरेगा के तहत मजदूरी देने में कीर्तिमान स्थापित किया है। जिसकी हमे सराहना भी मिली है। अब इस कोरोना काल के बाद हमारी सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों को डेवलप करना है। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर रूरल इंडस्ट्रियल पार्क लगाए जाएंगे।

  मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है पर 171 करोड़ 20 लाख का प्रावधान बनाया गया है। न्याय योजना में 5703 करोड़, चिराग योजना में 150 करोड़ , सौर सुजला 530 करोड़, गोधन न्याय योजना 175 करोड़ की राशि आबंटित की गई है।पत्रकारों की आकस्मिक मृत्यु की सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया गया है, तृतीय लिंग के लिए 76 लाख की लागत से पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे।

इसके साथ ही स्वच्छता अभियान में महती भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदीयों का मानदेय 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार किया गया। 7 नवीन महाविद्यालय, 3 कन्या महाविद्यालय खोलने, कन्या छात्रावास एवं आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2200 नवीन पदों का सृजन किया गया। 9 बालक एवं 9 नवीन कन्या छात्रावास की स्थापना 14 महाविद्यालयों में स्नातक तथा 15 महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ,6 नवीन महाविद्यालय भवन निर्माण,2 नवीन आईटीआई की स्थापना नवीन सिंचाई योजनाओं के लिए नवीन मद में 300 करोड़ एवं नगरीय क्षेत्रों में नई जल प्रदाय योजनाओं के लिए 45 करोड़ का प्रावधान रखा गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट भाषण में कहा कि ‘मोर ज़मीन मोर मकान’ के लिए 457 करोड़ का प्रावधान है। किसानों को खेतो तक आवागमन सुविधा हेतु मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के लिये 10 करोड़ का आबंटन, बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाइगर्स नाम से विशेष पुलिस बल का गठन, छत्तीसगढ़ी कला, शिल्प, वनोपज, कृषि एवं अन्य सभी प्रकार के उत्पादों तथा व्यंजनों को

एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए “सी-मार्ट” स्टोर की स्थापना करने, राज्य के पुरातात्विक धरोहर के अध्ययन संचालनालय का गठन, पुरातत्व विभाग के पृथक संचालनालय का गठन किया जाएगा। इसके लिए 6 करोड़ का प्रावधान किया गया, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद का गठन किया गया है, नया रायपुर में भारत भवन भोपाल की तर्ज पर बनाया जाएगा।

 परंपरागत ग्रामीण व्यवसायिक कौशल को पुनर्जीवित करने 4 नये विकास बोर्ड का गठन –तेलघानी, चर्म शिल्पकार, लौह शिल्पकार एवं रजककार विकास बोर्ड, ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों के लिए नवीन न्याय योजना प्रारंभ की जायेगी। 

तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए “शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिकसुरक्षा योजना”, द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर कौशल्या मातृत्व योजना अंतर्गत महिलाओं को 5,000 की एकमुश्त सहायता, 12 नये रेल्वे ओवर ब्रीज, 151 नवीन पुल, 585 सड़कों के निर्माण के लिए कुल 504 करोड़ का नवीन मद, पढ़ना लिखना अभियान योजना के लिए 5 करोड. 85 लाख, नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में 104 सड़क एवं 116 पुल निर्माण के लिए 12 करोड़ की राशि का प्रावधान बजट में दिया गया।

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