संदेहों को लगा विराम, इस राज्य में हो रहे रेस से भटक कर कोंडागांव पहुंचा था कबूतर

 


वतन जायसवाल

रायपुर। कोंडागांव में मिले विदेशी टैग वाले कबूतर का आख़िर रहस्य खुल गया कि वह किसका है और कहां से आया। अचानक से इसके मिलने से पुलिस भी सकते में आ गई थी। कई तरह के क़यास भी लगने लगे थे। किंतु अब सारे संदेहों पर विराम लग गया।

13 अप्रेल को कोंडागांव के जामपदर इलाके एक कबूतर पकड़ाया जिसके पैर में विदेशी कोडिंग टैग लगी हुई थी। कबूतर के पकडे जाने पर संदेह जताया जाने लगा कि हो सकता है नक्सली संदेश भेजने के लिए इसका प्रयोग करते हो। सारे संदेहों को ध्यान में रखते हुए पुलिस जाँच में लगी हुई थी।

 पुलिस को इस मामले में कोंडागांव पशु चिकित्सा अधीकारियों से मदद मांगी। तो इन्होंने कई अन्य विशेषज्ञों से चर्चा की। जिस पर चेन्नई की वेटेनरी डॉक्टर ए. चंद्रशेखर से पता चला कि यह कबूतर तेलंगाना से है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के शिरपुर ब्लॉक में 8 अप्रैल को कबूतरों की रेस हुई। वहीं से भटकर ये कबूतर कोंडागांव पहुँच गया। जांच में पता लगा यह कबूतर तेलंगाना के पी.वी.एस.सेल्वम का है। इस कबूतर ने रेस में हिस्सा लिया था। कोंडागांव की पुलिस ने राहत की सांस ली।




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