विधायक रंजना ने खाद्य मंत्री एवं नगरी प्रशासन मंत्री को दागे सवाल

 


सदन में धमतरी के पेंटिंनगंज एवं खरीफ उपार्जन में सुखत के मुद्दों को रखा


धमतरी। विधायक रंजना डीपेंद्र साहू ने जनहित, किसान हित मुद्दों को लेकर विधान सभा पटल पर अनगिनत सवाल दागे, जिसमें उन्होंने खाद्य मंत्री से सवाल करते हुए पूछी कि खरीफ विपणन वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22 में कितने सोसायटीओं के माध्यम से कितनी मात्रा में धान उपार्जन किया गया, उपार्जित धान के बदले में किस दर से कमीशन दिया जाता है, दी गई कमीशन राशि एवं शेष राशि की जानकारी वर्षवार मांगते हुए विपणन वर्ष में सुखत एवं अमानक या अन्य कारणों से सोसाइटीओ को कमीशन की राशि काटी गई है, यदि हां तो वर्षवार जानकारी मांगते हुए आगे विधायक ने पूछा कि राज्य सरकार द्वारा उक्त काटी गई कमीशन की राशि की भरपाई की गई है, यदि भरपाई करने की कोई योजना है, तो कितनी राशि भरपाई की गई है। 

जिस पर जवाब देते हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि खरीफ वर्ष 2019-20 में 1289 सहकारी समितियों के माध्यम से 83.94 लाख मैट्रिक टन धान, खरीफ वर्ष 2020-21 में 2012 सहकारी समितियों के माध्यम से 92.02 लाख मैट्रिक टन धान तथा खरीफ वर्ष 2021-22 में 2025 सहकारी समितियों के माध्यम से 97.98 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, सहकारी समितियों को धान खरीदी हेतु मोटा धान के लिए 31.25 रुपए प्रति क्विंटल तथा पतला धान के लिए 32 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन प्रदान किया जाता हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में सहकारी समितियों को दी जाने कमीशन राशि तथा शेष राशि की वर्षवार  जानकारी दिए, वही खरीफ वर्ष 2021-22 में धान के निराकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है बताया, धान के निराकरण के उपरांत समितियों को देय कमीशन ज्ञात होने की बात कही। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में सुखत धान की राशि सोसाइटीयों के कमीशन की राशि में कटौती की गई है, जिसके जिलेवार जानकारी देते हुए विभागीय मंत्री ने कहा कि खरीफ फसल 2021-22 में धान के निराकरण की करवाई प्रक्रियाधीन है। धान के निराकरण के उपरांत सुखद धान की मात्रा ज्ञात हो सकेगी, विपणन वर्ष 2020-21 में विभाग के पत्र के माध्यम से बताते हुए कहां की कोविड-19 एवं धान के परिवहन में विलंब होने के कारण समितियों को हुई नुकसान की एकमुश्त क्षतिपूर्ति हेतु आदेश पारित किए गए हैं, जिसके अनुसार 03 प्रतिशत तक सुखत वाली समितियों को विपणन संघ को प्रदान किए गए धान के लिए कमीशन की राशि एवं अन्य देय मद को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके संबंध में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है बताए।

विधायक ने नगरीय प्रशासन मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि नगर पालिका निगम धमतरी क्षेत्र के अंतर्गत स्वामित्व एवं अधिकार क्षेत्र की कुल कितनी जमीन है, क्या धमतरी पेंटिंनगंज की जमीन का सीमांकन नगर पालिका निगम द्वारा किया गया हैं, यदि हां, तो उक्त क्षेत्रफल की कितनी जमीन लीज में दी गई है एवं कितनी ज़मीन रिक्त हैं, क्या लीज में दी गई जमीन वर्तमान में रिक्त होने नियमानुसार उपयोग नहीं करने या वारिसान नहीं होने की जांच की गई है, यदि हां तो निगम के द्वारा क्या कार्रवाई की गई, क्या उक्त क्षेत्र में नवनिर्माण या जीर्णोद्धार हेतु विगत 3 वर्ष में भवन अनुज्ञा जारी की गई हैं, यदि हां तो वर्षवार नामवार एवं किस कार्य हेतु भवन अनुज्ञा जारी की गई जानकारी मांगी? जिस पर नगरी प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि नगर निगम धमतरी क्षेत्र के अंतर्गत राजस्व नजूल की कुल 28.7612 हेक्टेयर भूमि निगम के स्वामित्व एवं अधिकार क्षेत्र में है, नगर निगम धमतरी द्वारा पेंटिंनगंज स्थित जमीन का सीमांकन कराया गया है, पेंटिंनगंज क्षेत्र में कुल 17.806 हेक्टेयर जमीन हैं, जिसमें 17.640 हेक्टर जमीन को लीज में दी गई है एवं 0.165 हेक्टेयर जमीन रिक्त है, लीज में दी गई जमीन वर्तमान में रिक्त होने तथा नियमानुसार उपयोग नहीं करने की जांच उपरांत संबंधितओं को नोटिस जारी किया गया है। वारिसान नहीं होने की जानकारी निरंक हैं बताए।



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