कानून व्यवस्था बनाए रखने कलेक्टर-एसपी ने ली बैठक:रैली, जुलूस, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम, पुतला दहन जैसे आयोजनों पर सूक्ष्मता से नजर

  


 व्हीआईपी प्रवास के दौरान पूर्व आंकलन अवश्य करें: कलेक्टर

 

धमतरी।कलेक्टर पी.एस.एल्मा और पुलिस अधीक्षक  प्रशांत ठाकुर ने बुधवार शाम कानून व्यवस्था संबंधी संयुक्त रूप से बैठक लेकर जिले में हर स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा व्हीव्हीआईपी प्रवास के दौरान प्रत्येक स्तर पर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को बेहद सजग व सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति का पूर्वाभास होेने पर अपने उच्चाधिकारी को जरूर सूचित करें। साथ ही सोशल साइट्स पर भी निगाह रखते हुए संदेहास्पद गतिविधियों की जानकारी अनिवार्य रूप से दें, जिससे समय-पूर्व उपचारात्मक उपाय किया जा सके।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आकस्मिक प्रवास को दृष्टिगत करते हुए सभी संबंधित अधिकारी पूरी तरह सतर्कता व सजगता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस दौरान रैली, जुलूस, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम, पुतला दहन जैसे आयोजनों पर सूक्ष्मता से नजर रखें, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय अथवा प्रतिकूल परिस्थिति निर्मित ना होने पाए। इसके अलावा सामाजिक बहिष्कार, धर्मान्तरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी नजर रखने के लिए निर्देश दिए। बैठक में एसपी ने कहा कि अधिकतर समस्याओं का निराकरण वार्तालाप से ही सम्भव है, इसलिए सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए समाधानकारक उपाय ढूंढने का प्रयास करें। उन्हांेने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बराबर संचार एवं तालमेल के साथ कार्य करने की बात कही। साथ ही जुंआ, सट्टा, जमीन विवाद जैसे प्रकरणों पर गम्भीरता से संज्ञान लेने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए।

इस दौरान प्रोटोकॉल की सम्पूर्ण व्यवस्था, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले मुद्दे सहित अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समय सीमा में दौरा कार्यक्रम की जानकारी सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था, सोशल मीडिया के माध्यम से वीआईपी मूवमेंट की सूचना देने कहा गया। बैठक में अधिकारी द्वय ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही निगरानीशुदा और आदतन बदमाशांे पर नजर रखते हुए समय-समय पर करने के लिए कहा।


जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। धार्मिक और सामाजिक स्थलों और अवसरों को चिन्हांकित करना, शांति समिति की बैठक आयोजित करना, भड़काऊ वक्तव्य देने वालों का चिन्हांकन और सोशल मीडिया पर सतत् निगरानी रखने कहा गया। इसके अलावा राजस्व मामले, खाद, बीज इत्यादि की कालाबाजारी पर नियंत्रण, ग्रीष्मकालीन फसल हेतु पानी मांग, अवैध उत्खनन, माइनिंग अपराध और अवैध शराब विक्रय पर त्वरित कार्रवाई करने कहा गया। साथ ही आंदोलन, हड़ताल के संबंध में आवेदन प्राप्त होने पर अनुमति हेतु संबंधित थाना प्रभारी स्पष्ट अभिमत लेने, रैली व जुलूस में रैली मार्ग/संख्या, ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में पुलिस विभाग से चर्चा कर स्पष्ट आदेश जारी करने कहा गया। प्रत्येक विकासखण्ड में धरना/प्रदर्शन के लिए स्थान चिन्हांकित कर लिए जाने और केवल उन्हीं स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति देने भी बैठक में कहा गया। तहसील स्तर पर राजनैतिक/सामाजिक दलों व व्यक्तियों के साथ बैठक कर आम सहमति बनाने का प्रयास करने कहा गया ताकि क्रियान्वयन में कठिनाई ना हो। दुर्घटना जन्य क्षेत्र का चिन्हांकन, गैर जिम्मेदार वाहन चालन पर रोक, सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल, मृत व्यक्तियों को स्थल से जल्द हटाने का प्रयास और घटना स्थल पर भीड़ एकत्र ना हो इसका प्रयास करने कहा गया। इसके अलावा बिना अनुमति समय सीमा के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर कड़ाई से रोक लगाने, शस्त्र, फटाका, विस्फोटक लायसेंस का भौतिक सत्यापन समय समय पर करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंका महोबिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  निवेदिता पॉल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ऋषिकेश तिवारी सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


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