अब ग्रामसभा को दिए जाएंगे वन प्रबंधन के अधिकार
धमतरी, पंचायती राज को और सशक्त करने के लिए ग्रामसभा को संयुक्त वन प्रबंधन समिति के नियंत्रण का अधिकार देने के उद्देश्य से आज जिले में कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक प्रादर्श विकसित करने के संबंध में द्विपक्षीय चर्चा की गई। इसमें दिल्ली से आई अधिकारियों की टीम ने जिले की वन अधिकार समितियों एवं वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों से प्रत्यक्ष तौर पर चर्चा की। टीम में वानिकी एवं जैव-विविधता प्रभाग के निदेशक जे.व्ही. शर्मा (रिटायर्ड आईएफएस), अशोक पाई पूर्व संयुक्त सचिव, आदिवासी विकास मंत्रालय, डाॅ. रेखा पाई (रिटायर्ड आईएफएस) सहित डाॅ. योगेश गोखले शामिल थे। साथ ही कलेक्टर शरजत बंसल एवं प्रशिक्षु आईएफएस मयंक अग्रवाल कार्यशाला में उपस्थित रहे।
बैठक में मौजूद वन अधिकार समिति एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों व सचिवों ने अपने व्यक्तिगत विचार तथा अनुभव साझा किए। कुछ सदस्यों ने जैविक खेती के माध्यम से जंगल बचाने की बात कही, तो किसी ने अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया। इसी प्रकार ग्रामसभा को एफआरए के तहत पट्टा वितरण एवं अन्य दायित्व सौंपे जाने के संबंध में अधिकांश समिति के सदस्यों ने इस बात की पैरवी की कि सचिव के तौर प्रशासनिक अमला यानी वन विभाग के कर्मचारी का होना आवश्यक है, जिससे प्रशासनिक कार्यों को समझने में आसानी हो। इसके अलावा विभिन्न समितियों के सदस्यों ने अपना-अपना अभिमत कार्यशाला में व्यक्त किया। इस पर टीम के श्री शर्मा ने सभी सदस्यों के सुझावों का स्वागत करते हुए प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं व सलाहों को अवगत कराने के लिए आश्वस्त किया।


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