खाद्य कारोबार के लिए लाईसेंस एवं पंजीयन कराना अनिवार्य
धमतरी, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से जारी निर्देशों के तहत् जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित खाद्य कारोबार के लिए लाईसेंस एवं पंजीयन कराना अनिवार्य है। उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि खाद्य फर्मों के निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस एवं पंजीयन के खाद्य व्यवसाय का संचालन करते पाए जाने पर अधिनियम की धारा 63 के तहत् खाद्य कारोबारी को 06 माह की कारावास एवं पांच लाख रूपए तक के जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। छोटे फुटकर विक्रेता, हाॅकर, फेरी वाले, ठेले वाले अथवा अन्य अस्थायी स्टाॅलधारी खाद्य कारोबारी को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की वेबसाईट के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य है, जिसके लिए एक वर्ष की पंजीयन की फीस एक सौ रूपए निर्धारित की गई है। बताया गया कि खाद्य कारोबारी जिनका वार्षिक टर्न ओवर 12 लाख अथवा उससे अधिक है, उन्हें खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी द्वारा जारी खाद्य लाईसेंस लेना अनिवार्य है, जो खाद्य लाईसेंस विभागीय वेबसाईट में आॅनलाईन फाॅर्म भरने के बाद प्राप्त किया जा सकता है। कारोबारी की भिन्न श्रेणियों के अनुसार लाईसेंस की फीस अलग-अलग निर्धारित है।
ऐसे कारोबारी जो खाद्य पदार्थ के निर्माण, प्रसंस्करण, दुग्ध विक्रय, दुग्ध शीतल, मटन, चिकन, मछली अथवा अन्य किसी प्रकार के मांस विक्रय, तेल, बीजों से तेल निकालना, तेल शोधन संयंत्र, पैकेजिंग, लेबलिंग, भण्डारण, फुटकर व्यापार, थोक व्यापार, वितरण, केटरिंग, खाद्य परिवाहक, ढाबा, क्लब या कैंटिन, होटल, डेयरी, बेकरी, रेस्टोरेंट, पान दुकान, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाॅटर, कोल्ड्रिंक या खाद्य से संबंधित अन्य किसी भी प्रतिष्ठान का संचालन करते हैं, उन सभी को खाद्य लाइसेंस या पंजीयन लेना अनिवार्य है। इसी तरह मेडिकल स्टोर्स या न्यूट्रास्यूटिकल्स का विक्रय करने वालों को भी खाद्य कारोबारी की श्रेणी में शामिल किया गया है। उप संचालक ने अपील किया है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ता अपना खाद्य लाइसेंस या पंजीयन बनाने व नवीनीकरण के लिए विभागीय वेबसाईट में जल्द आॅनलाईन आवेदन करें।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए खाद्य सामग्री को दूषित होने से बचाने के लिए उचित रख-रखाव की व्यवस्था कर साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। जिले के सभी ठेला, होटल, स्टाॅलधारी, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भण्डार संचालकों से अपील किया गया है कि वे हाथों के दस्तानों, हेयरमास्क, एप्राॅन इत्यादि का प्रयोग करें, जिससे खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2001 के अंतर्गत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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